नई दिल्ली: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में पत्थरबाजी की खौफनाक साजिश की गई है। इसके चौंकाने वाले वीडियोज लगातार सामने आ रहे हैं। इन वीडियो में भीड़ को भड़काया जा रहा है, मुसलमानों को इकट्ठा होने के लिए, दुकानें बंद करने के लिए कहा जा रहा है।
लोगों को धार्मिक नारे लगाकर उकसाया जा रहा है। नारा-ए-तकबीर के नारे लगाकर वीडियो बनाए जा रहे हैं और उनको व्हाट्सएप ग्रुप में सर्कुलेट किया गया है। लोगों को पत्थर बरसाने के लिए भड़काया गया है। जैसे ही बुलडोजर एक्शन के लिए तुर्कमान गेट इलाके में जेसीबी पहुंची तो कुछ लड़कों ने बाइक पर सवार होकर ये अफवाह फैलाना शुरू किया कि बुलडोजर मस्जिद को गिराने के लिए पहुंचे हैं। ऐसे ही कई वीडियो व्हाट्सएप ग्रुप में सर्कुलेट किए गए।
बता दें कि लोगों को भड़काने के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस पर पत्थरबाजी के वीडियो भी सामने आए। वीडियो में उपद्रवी पुलिस पर पथराव करते दिखे। गली से निकलकर अचानक भीड़ ने पत्थरबाजी की। हमलावर पहले से तैयार थे, उनके पास ईंट-पत्थर और कांच की बोतलें थीं।
किस तरह भड़काया गया?
वीडियो में लोगों को कहा गया कि घर पर बैठने से कुछ नहीं होगा, घर से बाहर आओ। पूरी रात काली करो, मस्जिद पर पहुंचो। इस तरह के वीडियो वायरल किए गए। पुलिस इन सभी वीडियो की जांच कर रही है। एक और शख्स जो बुलडोजर की कार्रवाई के दौरान लोगों को वीडियो बनाकर मौके पर इक्कठा कर रहा है। इसकी पहचान और तलाश जारी है।
5 लोग गिरफ्तार
मिली जानकारी के मुताबिक, तुर्कमान गेट हिंसा मामला में पुलिस ने 5 को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है सच्चाई?
जिस मस्जिद को लेकर अफवाह फैलाई गई कि उस पर बुलडोजर चलने वाला है, वो मस्जिद वैसी की वैसी खड़ी है। मस्जिद के गेट पर घड़ी वैसी की वैसी लटकी है, मस्जिद के पास बुलडोजर गए ही नहीं हैं। लेकिन जैसे ही बुलडोजर आए, लड़कों ने स्कूटी से आकर बाहर तुर्कमान की एंट्री पर खड़े होकर वीडियो बनाए।
वीडियो बनाकर उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप्स, फेसबुक पर सर्कुलेट किया गया। ऐसे दंगाइयों की पहचान पुलिस हेडक्वाटर में बने सोशल मीडिया सेंटर में की जा रही है। कांच की बोतल कहां से आई? साजिश क्या पहले से थी? हर पहलू पर जांच जारी है।


