आजकल जिस तरह की व्यस्त जिंदगी लोग जी रहे हैं ऐसे में खान पान का विशेष ध्यान रखना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से कई तरह की बीमारियां जन्म लेने लगी हैं, उन्हीं में से एक है फैटी लिवर की समस्या। ऐसा देखा जाता था कि यह रोग ज्यादातर उन्हीं लोगों को होता है जिन्हें शराब पीने की आदत है लेकिन आजकल यह बीमारी बहुत आम हो गई है और इससे वह लोग भी परेशान हैं जो शराब का सेवन नहीं करते हैं। फैटी लिवर को मजबूत बनाने के लिए आप आयुर्वेदिक इलाज को अपना सकते हैं। इसका न तो कोई साइड इफ़ेक्ट है और न ही कोई सर्जरी करने की जरूरत होगी।
आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और फर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा बताती हैं कि आजकल फैटी लिवर किसी को भी हो जाता है। यह बीमारी लिवर में अतिरिक्त वसा के जमा होने का परिणाम है। वैसे तो सबके लिवर में थोड़ा वसा मौजूद होता है, जो बिल्कुल सामान्य बात है लेकिन जब इसका स्तर 10% से अधिक हो जाता है तब आपको कई परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
अल्कोहलिक फैटी लिवर– यह समस्या उन लोगों में पाई जाती है, जो बहुत ज्यादा शराब पीते हैं।
नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर (NAFLD)– यह समस्या उन लोगों को हो सकती है जिनका वजन जरूरत से ज्यादा बढ़ा हुआ है, खान पान ठीक नहीं हैं, जिन्हें हाई कोलेस्ट्रॉल या डायबिटीज की समस्या है।
फैटी लिवर में शुरुआती दिनों में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देता है लेकिन धीरे-धीरे जब समस्या बढ़ती है तब इसके लक्षण नज़र आने लगते हैं।
फैटी लिवर का इलाज उचित समय पर पहले चरण में ही कर लेना चाहिए नहीं तो समस्या गंभीर रूप ले सकती है और इसकी वजह से लिवर फेलियर या लिवर सिरोसिस भी हो सकता है।
त्रिफला का सेवन- त्रिफला के सेवन से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालने में मदद मिलती है। इससे आपका पाचन तंत्र बेहतर होता है और लिवर की शुद्धि हो जाती है। आप रात में भोजन के बाद और सोने से पहले हल्के गुनगुने पानी के साथ त्रिफला का सेवन कर सकते हैं।
भृंगराज- लिवर के लिए आयुर्वेद में भृंगराज को टॉनिक के रूप से स्वीकार किया गया है। इससे आपके लिवर में जमा अतिरिक्त फैट बाहर निकल जाता है और कोशिकाएं अच्छे से अपना काम करने लगती हैं।
कालमेघ- इसमें कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिसकी वजह से यह स्वाद में कड़वा हो जाता है। जिन लोगों को फैटी लिवर की समस्या है उनके लिए कालमेघ बहुत फायदेमंद माना जाता है।
गिलोय- इम्युनिटी बूस्टर के रूप में जिस गिलोय का आप सेवन करते हैं वह आपके लिवर के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके सेवन से लिवर की सूजन कम होती है और उसे मजबूती मिलती है।
एलोवेरा जूस- अगर आप सुबह उठकर खाली पेट में एलोवेरा जूस पीते है तो यह लिवर टॉनिक की तरह काम करता है और इसके साथ ही आपके पाचन तंत्र को भी मजबूती प्रदान करता है।
अगर आपका आहार और विहार ठीक है तो बिना किसी दवाई या सर्जरी के आप शुरुआती दिनों में ही फैटी लिवर की समस्या को बढ़ने से रोक सकते हैं।
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