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विधानसभा चुनाव वाले 5 राज्यों में ये है चुनावी मुद्दा, जानें हिंदुत्व और राष्ट्रवाद कहां है खड़ा

 Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Oct 21, 2023 09:33 pm IST,  Updated : Oct 21, 2023 09:43 pm IST

देश के पांच राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इस चुनाव में जनता के बीच चुनावी मुद्दे क्या हैं? क्या हिंदुत्व और राष्ट्रवाद जनता के लिए महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा है या जनता कुछ और ही देख रही है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : PTI

India Tv CNX Opinion Poll: देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर मतदान किया जाएगा। वहीं 5 राज्यों के चुनाव परिणाम की घोषणा 3 दिसंबर को की जाएगी। इस दिन तय हो जाएगा की आखिर किस राज्य में कौन सी पार्टी सरकार बनाने जा रही है। इंडिया टीवी सीएनएक्स ने इस दौरान जनता का मूड जानने के लिए ओपिनियन पोल का आयोजन किया। इस दौरान चार राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की जनता ने बताया कि आखिर इस चुनाव में राज्य का सबसे बड़ा मुद्दा क्या है जिसपर चुनाव में जनता अपने उम्मीदवारों को वोट देगी।

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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा

इंडिया टीवी सीएनएक्स पोल द्वारा मिले डेटा के मुताबिक राज्य में सबसे बड़ा चुवानी मुद्दा बेरोजगारी है। इसपर राज्य की 27 फीसदी जनता ने सहमति व्यक्त की है। वहीं विकास के लिए 21 फीसदी, महंगाई के लिए 19 फीसदी, हिंदुत्व के लिए 15 फीसदी, राष्ट्रवाद के लिए 3 फीसदी, भ्रष्टाचार के लिए 7 फीसदी, लॉ एंड ऑर्डर के लिए 5 फीसदी जनता ने सहमति दी है। वहीं छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी के लिए 20 फीसदी, विकास के लिए 20 फीसदी, भ्रष्टाचार के लिए 16 फीसदी, महंगाई के लिए 15 फीसदी, हिंदुत्व के लिए 14 फीसदी, राष्ट्रवाद के लिए 4 फीसदी और लॉ एंड ऑर्डर के लिए 8 फीसदी जनता ने सहमति दी है। 

राजस्थान और तेलंगाना में चुनावी मुद्दा क्या है?
राजस्थान में सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बेरोजगारी है। 21 फीसदी जनता ने इसपर सहमति व्यक्त की है। वहीं विकास के लिए 17 फीसदी, महंगाई के लिए 19 फीसदी, भ्रष्टाचार के लिए 9 फीसदी, लॉ एंड ऑर्डर के लिए 18 फीसदी, हिंदुत्व के लिए 8 फीसदी, राष्ट्रवाद के लिए 5 फीसदी जनता ने वोटिंग की है। वहीं तेलंगाना की जनता के लिए बेरोजगारी और भ्रष्टाचार सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा है। ओपिनयिन पोल में मिली जानकारी के मुताबिक 23 फीसदी जनता ने भ्रष्टाचार, 24 फीसदी ने बेरोजगारी, 21 फीसदी ने विकास, 15 फीसदी ने महंगाई, 3 फीसदी ने हिंदुत्व, 10 फीसदी ने राष्ट्रवाद, 3 फीसदी ने लॉ एंड ऑर्डर को चुनावी मुद्दा बताया है। 

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