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बॉलीवुड की मशहूर मगर बदकिस्मत पिता-पुत्र की जोड़ी, जिन्हें नसीब हुई एक जैसी मौत, बेहद दर्दनाक रहा अंत

 Written By: Priya Shukla
 Published : Oct 24, 2025 08:12 pm IST,  Updated : Oct 24, 2025 08:12 pm IST

90 के दशक में फराज खान ने कई फिल्मों में विलेन के किरदार निभाए और उन्हीं की तरह उनके पिता ने भी फिल्मों में खलनायक के रोल से पहचान बनाई। लेकिन, फिल्मों में किरदार ही नहीं इन्हें मौत भी एक जैसी ही नसीब हुई।

Faraaz Khan- India TV Hindi
युसुफ खान, फराज खान। Image Source : INSTAGRAM/@TIMELESSINDIANMELODIES

साल 1977 में विनोद खन्ना, अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर स्टारर 'अमर अकबर एंथनी' रिलीज हुई, जो दर्शकों के दिल जीतने में सफल रही और बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही। इस फिल्म में काम करने वाले लीड एक्टर ही नहीं बल्कि अन्य सितारों को आज भी प्रशंसक याद करते हैं। इस फिल्म की कहानी के साथ-साथ गानों को भी दर्शकों ने खूब सराहा। मनमोहन देसाई द्वारा निर्देशित इस फिल्म में एक एक्टर और काफी पसंद किया गया और वह थे युसुफ खान। युसुफ खान ने अमर अकबर एंथनी में अभिनेत्री परवीन बॉबी के बॉडीगार्ड ज़ेबिस्को का किरदार निभाया था। युसुफ खान की ही तरह उनके बेटे फराज खान ने भी 90 के दशक में फिल्मों में एंट्री ली और उन्हीं की तरह विलेन बनकर सुर्खियां बटोरीं।

एक जैसी रही युसुफ खान और फराज खान की किस्मत

युसुफ खान और फराज खान का फिल्मी करियर ही नहीं बल्कि जिंदगी का अंत भी एक जैसा ही रहा। पिता और बेटे की ये जोड़ी अपने आखिरी समय तक इंडस्ट्री से जुड़ी रही, लेकिन 50 की उम्र पार करने से पहले ही दोनों का देहांत हो गया। अमर अकबर एंथनी में ज़ेबिस्को का किरदार निभाने वाले यूसुफ खान का जन्म 1 मई 1940 को मिस्र में हुआ था। उन्होंने 'जंगल की हसीना' से बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि, यह फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई, लेकिन यूसुफ खान अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे।

अमिताभ बच्चन की फिल्म ने दिलाई पहचान

युसुफ खान को 1972 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म 'बॉम्बे टू गोवा' से पहचान मिली। इस फिल्म के बाद उन्होंने 'कर्ज', 'नसीब', 'परवरिश', 'डॉन' और 'हम किसी से कम नहीं' जैसी फिल्मों में काम किया। यूसुफ खान ने अपने गठीले शरीर के कारण उन्होंने काफी सुर्खियां बटोरीं। इस फिल्म के बाद उनकी डिमांड बढ़ गई, लेकिन हमेशा साइड रोल या नेगेटिव रोल ही ऑफर हुए। लेकिन, अफसोस 1985 में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। युसुफ हैदराबाद में एक फिल्म के सेट पर बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनकी मृत्यु का कारण ब्रेन हैमरेज बताया गया। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 45 वर्ष थी।

फराज को नसीब हुई पिता जैसी मौत

यूसुफ खान ने एक भारतीय से शादी की और उनके तीन बच्चे फ़हद, फ़राज और फद्या हुए। उनके बेटे फ़राज ने भी पिता के कदमों पर चलते हुए एक्टिंग का रुख किया। उन्होंने 'मेंहदी' और 'फरेब' जैसी फिल्मों में काम किया। एक दिन अचानक फिल्म के सेट पर ही फराज की तबीयत खराब हो गई और उन्हें बेंगलुरु के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने बताया कि उनके मस्तिष्क में संक्रमण है। उनके इलाज में करीब 25 लाख रुपये लगे और सुपरस्टार सलमान खान ने उनकी फीस भरी। जब वह ठीक महसूस करने लगे तो डॉक्टर्स ने उन्हें डिस्चार्ज दे दिया। मगर, नवंबर 2020 में अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और 46 साल की उम्र में उन्होंने भी मस्तिष्क संक्रमण के चलते इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

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