1998 में एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। इस फिल्म के जरिए एक जाने-माने फिल्म निर्माता ने दर्शकों के साथ अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा 'जख्म' साझा किया था, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी थीं। हम बात कर रहे हैं 1998 में रिलीज हुई 'जख्म', जिसके निर्माता और निर्देशक मेहश भट्ट थे। इस फिल्म की कहानी महेश भट्ट की मां शिरीन मोहम्मद अली की जिंदगी पर आधारित है। आज महेश भट्ट की गिनती हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन फिल्म निर्माता और निर्देशकों में होती है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर काफी मुश्किलों भरा रहा है।
मुश्किलों भरा रहा महेश भट्ट का बचपन
महेश भट्ट का जन्म नानाभाई भट्ट और शिरीन मोहम्मद अली के घर पर हुआ था। महेश भट्ट के पिता नानाभाई भट्ट गुजराती हिंदू नागर ब्राह्मण थे, जबकि मां गुजराती मुस्लिम थीं। उनकी यही मिश्रित पारिवारिक पृष्ठभूमि आगे चलकर उनकी एक महत्वपूर्ण फिल्म की प्रेरणा बनी। हम बात कर रहे हैं 1998 में रिलीज हुई 'जख्म' की, महेश भट्ट ने अपनी मां शिरीन मोहम्मद अली के जीवन से प्रेरित होकर फिल्म ‘जख्म’ का निर्माण किया था।
महेश भट्ट की मां की जिंदगी पर आधारित थी फिल्म
'जख्म' को 90 के दशक की सबसे भावुक फिल्मों में से एक माना जाता है और ये भट्ट की मां शिरीन मोहम्मद अली के जीवन से प्रेरित थी और इसमें महेश भट्ट की बेटी और अभिनेत्री पूजा भट्ट लीड रोल में थीं। यानी उन्होंने बड़े पर्दे पर अपनी ही दादी का किरदार निभाया था। वहीं फिल्म में उनके साथ नागार्जुन, अजय देवगन, सोनाली बेंद्रे और कुणाल खेमू जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म के लिए अजय देवगन को उनके शानदार अभिनय के लिए करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड (बेस्ट एक्टर) मिला, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी।
फिल्म की कास्ट और किरदार
फिल्म में अजय देवगन ने म्यूजिक डायरेक्टर अजय देसाई की भूमिका निभाई थी, जबकि उनके बचपन के किरदार में कुणाल खेमू दिखाई दिए थे। नागार्जुन उनके पिता रमन देसाई, पूजा भट्ट ने मां नूर हुसैन खान की भूमिका निभाई। सोनाली बेंद्रे, पत्नी सोनिया बनीं और इनके साथ शरत सक्सेना, अक्षय आनंद और आशुतोष राणा जैसे कलाकार भी अहम भूमिका में नजर आए थे।
ये भी पढ़ेंः फीस नहीं... अक्षय खन्ना ने इस डिमांड के पूरे न होने पर छोड़ी 'दृश्यम 3', मेकर्स को खटकी एक्टर की ये बात