Explainer: किसी अपने के सुसाइड की कोशिश के बाद कैसे करें मदद? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
Explainer: किसी अपने के सुसाइड की कोशिश के बाद कैसे करें मदद? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
Edited By: Vineet Kumar Singh@VickyOnX
Published : Aug 08, 2025 09:30 pm IST,
Updated : Aug 08, 2025 09:30 pm IST
अगर किसी अपने ने सुसाइड की कोशिश की है, तो उनका सहारा बनें। प्यार से बात करें, दोष न दें, और प्रोफेशनल मदद लें। रोजमर्रा की छोटी मदद, भावनात्मक समर्थन और सेफ्टी प्लान उन्हें संभलने में मदद करते हैं।
Image Source : PIXABAY REPRESENTATIONAL
सुसाइड की कोशिश करने वाले करीबी की जिंदगी में बदलाव लाया जा सकता है।
अगर आपके किसी करीबी ने सुसाइड की कोशिश की है, तो आप डर, घबराहट या परेशानी महसूस कर सकते हैं। यह बहुत नाज़ुक वक्त होता है, लेकिन आपका साथ और प्यार आपके उस अपने के लिए बहुत बड़ा सहारा बन सकता है। ऑस्ट्रेलिया में हाल के आंकड़ों के मुताबिक, हर तीन में से एक शख्स किसी ऐसे इंसान को जानता है, जिसने सुसाइड की कोशिश की हो या उसकी वजह से जान गंवाई हो। ऐसे में, यह जानना जरूरी है कि आप कैसे उनकी मदद कर सकते हैं और खुद को भी संभाल सकते हैं।
खुलकर बात करना है जरूरी, पर प्यार से
सुसाइड की कोशिश के बाद का समय इंसान और उसके अपनों के लिए बहुत भावनात्मक होता है। आपका करीबी शायद शर्मिंदगी, गुस्सा, दुख, या राहत महसूस कर रहा हो। वहीं, आप चिंता, हैरानी या असमंजस में हो सकते हैं। यह सब बहुत आम है। कोई सही या गलत तरीका नहीं है इन हालात में महसूस करने का। बस इतना याद रखें कि आपका प्यार और साथ उनके लिए बहुत मायने रखता है।
बात को टालें नहीं: सुसाइड की कोशिश को नजरअंदाज़ करना ठीक नहीं। इससे उनके मन में और अकेलापन या शर्मिंदगी बढ़ सकती है। आपको सारी बातें जानने की जरूरत नहीं, बस इतना कहें, 'मैं खुश हूं कि तुम अभी हमारे साथ हो। मैं तुम्हारी परवाह करता हूं।'
बिना जज किए बात सुनें: अगर वो बात करना चाहें, तो बिना जज किए उनकी बात सुनें। अगर वो अभी तैयार नहीं, तो धीरे-धीरे वक्त दें। जल्दबाजी न करें।
दोष देने से बचें: 'तुमने ऐसा क्यों किया?' जैसे सवाल उनके दुख को और बढ़ा सकते हैं। इसके बजाय, प्यार और हौसला देने वाली बातें करें, जैसे 'तुम अकेले नहीं हो, मैं तुम्हारे साथ हूं।'
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आपकी छोटी सी मदद भी आपके करीबी के लिए बड़ा सहारा बन सकती है।
छोटी-छोटी मदद भी बन सकती है बड़ा सहारा
आपके करीबी को रोजमर्रा के कामों में मदद की जरूरत हो सकती है। उनकी हालत को देखते हुए छोटी-छोटी चीजें उनके लिए बहुत मायने रखती हैं। सुसाइड की कोशिश करने वाले अपने करीबी को आप इन तरीकों से मदद कर सकते हैं:
रोज के कामों में साथ दें: डॉक्टर के पास जाना, खाना बनाना, या घर की छोटी-मोटी सफाई में मदद करें। पूछें, 'आज तुम्हारे काम को आसान करने के लिए क्या कर सकते हैं?'
उनके शौक को बढ़ावा दें: अगर वो कुछ पसंद करते हैं, जैसे टहलना, फिल्म देखना या चुपके से वक्त बिताना, तो धीरे-धीरे उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित करें। लेकिन जोर न डालें।
छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखें: अगर वे उदास या चुप हैं, तो इसे दिल पर न लें। बस एक मैसेज भेजकर या खाना छोड़कर आकर उनका हौसला बढ़ाएं।
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किसी अपने की मदद करते हुए खुद का भी ख्याल रखना जरूरी होता है।
आप अकेले नहीं, मुश्किल में हों तो मदद लें
किसी अपने की देखभाल करना आसान नहीं। आप हर वक्त इसी चिंता में डूबे रह सकते हैं कि कहीं वह फिर से ऐसा न करें। यह 'हाइपरविजिलेंस' यानी ज्यादा सतर्कता बरतना आम है, लेकिन आपको भी खुद को संभालना जरूरी है।
प्रोफेशनल मदद लें: एक शख्स अकेले पूरी जिम्मेदारी नहीं उठा सकता। मनोवैज्ञानिक, डॉक्टर या काउंसलर की मदद लें। अपने करीबी से पूछें कि वह और किन लोगों को अपने साथ जोड़ना चाहेंगे, जैसे दोस्त, परिवार या टीचर।
सेफ्टी प्लान बनाएं: सुसाइड की कोशिश के बाद अक्सर मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स एक सेफ्टी प्लान बनाते हैं। यह एक गाइड होता है, जिसमें बताया जाता है कि अगर फिर से सुसाइड के ख्याल आएं, तो क्या करना है। इसमें चेतावनी के संकेत, जोखिम कम करने के तरीके, और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स शामिल होते हैं। अगर आपका करीबी चाहे, तो इस प्लान का हिस्सा बनें।
अपना भी ख्याल रखें: किसी अपने की मदद करते वक्त आप खुद को भूल न जाएं। आप भी चिंता, थकान, या दुख महसूस कर सकते हैं। यह एक आम बात है।
खुद को वक्त दें: अच्छा खाएं, आराम करें, और अपने दोस्तों या परिवार से बात करें। आपको अपने करीबी की निजी बातें बताने की जरूरत नहीं।
जरूरत हो तो मदद लें: अगर आपको लगे कि आप बहुत परेशान हैं, तो अपने डॉक्टर या काउंसलर से बात करें। आपका डॉक्टर एक मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट प्लान बना सकता है, जिससे आपको सस्ती काउंसलिंग मिल सकती है।
24/7 मदद उपलब्ध है: अगर आपको या आपके करीबी को कभी सुसाइड के ख्याल आएं, तो तुरंत मदद लें। सरकार इससे जुड़ी हेल्पलाइन चलाती है।
हर इंसान की रिकवरी अलग होती है
सुसाइड की कोशिश के बाद ठीक होने का रास्ता हर किसी के लिए अलग होता है। इसमें प्रोफेशनल मदद, दवाइयां, रूटीन में बदलाव, या काम-स्कूल से ब्रेक शामिल हो सकता है। यह रास्ता आसान नहीं, लेकिन धैर्य और प्यार से बहुत कुछ बदल सकता है। आपके करीबी को और खुद आपको बस थोड़ा सब्र और ढेर सारा प्यार चाहिए। याद रखें, इस तरह की लड़ाई में आप अकेले नहीं हैं। आपके लिए मदद हमेशा मौजूद है।(भाषा/द कन्वर्सेशन)
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