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Explainer: ममदानी की जीत, शटडाउन, रूस-यूक्रेन जंग समेत जानें कब और कैसे ट्रंप को लग रहा झटके पर झटका

Edited By: Amit Mishra @AmitMishra64927
Published : Nov 05, 2025 02:56 pm IST, Updated : Nov 05, 2025 02:56 pm IST

अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप को अनेक मोर्चों पर झटके लगे है। चाहे वह आर्थिक हो, प्रशासनिक हो या फिर विदेश नीति हो। चलिए ऐसे में नजर डालते हैं कि ट्रंप के लिए बड़े झटके कौन से हैं।

Donald Trump- India TV Hindi
Image Source : AP Donald Trump

Donald Trump Setbacks: अमेरिका की राजनीति में डोनाल्ड ट्रंप एक ऐसा नाम हैं जिन्होंने अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति और व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। 2024 में जब ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बने तो किसी ने नहीं सोचा था कि दुनिया में एक के बाद एक बड़े बदलाव बेहद तेजी से देखेगी। ट्रंप जब से अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं तब से उन्होंने ताबड़तोड़ अंदाज में फैसले लिए हैं। इन फैसलों ने  राजनीतिक, कूटनीतिक और लोकप्रियता के हिसाब से ट्रंप की छवि को गढ़ा है। चलिए में एक नजर उन बिंदुओं पर डालते हैं जहां ट्रंप को झटके पर झटके लगे हैं।

ट्रंप के लिए झटका है जोहरान ममदानी की जीत

सबसे पहले बात राजनीतिक की करते हैं जो सबसे ताजा मामला है। न्यूयॉर्क में हुए मेयर पद के चुनाव में जोहरान ममदानी ने जीत हासिल की है। ममदानी की जीत इसलिए भी अहम हो जाती है क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद विरोध करते हुए ममदानी के पक्ष में लोगों से वोट ना करने की अपील की थी। ट्रंप ने तो यहां तक कहा था कि अगर ममदानी जीत गए तो वो फेडरेल फंडिंग रोक देंगे। अब जब ममदानी ने मेयर पद का चुनाव जीत लिया है तो यह सियासी रूप में ट्रंप के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। वोटरों ने बता दिया है कि अमेरिका में भविष्य की राजनीति किस ओर करवट ले रही है।

अमेरिका में शटडाउन ने बढ़ाई ट्रंप की मुसीबत

न्यूयॉर्क में मिली सियासी हार से इतर बात करें तो अमेरिका इस वक्त बड़े संकट में घिरा नजर आ रहा है जिसका सबसे अधिक आम लोगों पर पड़ रहा है। अमेरिका में पिछले एक महीने से शटडाउन जारी है और राष्ट्रपति ट्रंप इससे पूरी तरह बेपरवाह नजर आ रहे हैं। अमेरिका में जारी शटडाउन के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि वो सरकारी विभागों में कामकाज को दोबारा चालू करने के लिए डेमोक्रेट्स के दबाव में नहीं आएंगे। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि सरकारी ‘शटडाउन’ (सरकारी कामकाज के लिए वित्तपोषण की कमी) के जल्द ही छठा सप्ताह शुरू होने के बावजूद उनकी वार्ता करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि डेमोक्रेट नेता रिपब्लिकन नेताओं के सामने अंत में झुक जाएंगे। साफ है कि ट्रंप ने इसे नाक की लड़ाई बना ली है और भुगतना लोगों को पड़ा रहा है। 

Donald Trump

Image Source : AP
Donald Trump

रूस-यूक्रेन जंग नहीं रोक पाए ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार थे तब से दावे कर रहे थे वो इस युद्ध को खत्म करवा देंगे। चुनाव में ट्रंप जीत भी गए और राष्ट्रपति भी बन गए लेकिन रूस और यूक्रेन के बीच जंग अब भी जारी है। कूटनीतिक लिहाज से इसे ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना जा सकता है जहां वो अपने ही किए दावें पर पूरी तरह से फेल हुए हैं। इतनी ही नहीं ट्रंप कभी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तारीफ करते दिखते हैं तो कभी प्रतिबंध लगाने की बात कहते हुए नजर आते हैं। वैसे बता दें कि, 2019 में यूक्रेन फोन कॉल स्कैंडल सामने आया था जिसमें ट्रंप पर आरोप लगा कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति से जो बाइडेन के बेटे हंटर बाइडेन की जांच कराने का दबाव डाला था। इस मामले ने उन्हें महाभियोग तक पहुंचा दिया जो किसी भी राष्ट्रपति के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका है। साफ है कि रूस और यूक्रेन के मामले में ट्रंप को एक का बाद एक सिर्फ झटके ही लगे हैं। 

न्यायिक और संवैधानिक पक्ष से भी लगा झटका

ट्रंप ने बड़े पैमाने पर नीतिगत बदलाव किए और नई योजना बनाई। लेकिन, इनका सामना विभिन्न न्यायिक और संवैधानिक चुनौतियों से हुआ। उदाहरण स्वरूप, कई मामलों में न्यायालयों ने उनका क्रम रोका, कुछ नीतियों को टाल दिया गया। इसके अलावा, जनता को यह डर हुआ कि सरकार का संचालन अधिक केंद्रीकृत हो गया है, एजेंसियों को कमजोर किया जा रहा है और कुछ नीतियां इतनी जल्दी बदली जा रही हैं कि प्रभाव का आंकलन करना कठिन हो रहा है। इस तरह प्रशासन की गति मंद पड़ी है।

ट्रंप की छवि को भी लगा झटका

ट्रंप की नीतियां विशेष रूप से व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में विवादास्पद रही हैं। उन्होंने चीन के प्रति सख्त रवैया अपनाया, अन्य देशों पर शुल्क बढ़ाने की धमकी दी और वैश्विक गठबंधनों तथा समझौतों में परिवर्तन का संकेत दिया। इन घोषणाओं के बाद वैश्विक बाजारों में अस्थिरता आई, निवेशकों की चिंता बढ़ी और अमेरिका की आर्थिक-राजनीतिक स्थिति पर सवाल खड़े हुए। इस तरह, विदेश-मंच पर अमेरिकी नेतृत्व की स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा, जो कि ट्रंप के लिए एक और बड़ा झटका था।

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Image Source : AP
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आसान नहीं होगी ट्रंप की राह

डोनाल्ड ट्रंप का राजनीतिक सफर अमेरिकी इतिहास का सबसे विवादास्पद अध्याय कहा जा सकता है। ममदानी की जीत, रूस-यूक्रेन युद्ध में उनकी कूटनीतिक कमजोरी और शटडाउन जैसी घटनाएं दिखाती हैं कि ट्रंप के लिए आगे की राह आसान नहीं होने वाली है। ट्रंप के अब तक के शासनकाल में मीडिया से टकराव, संस्थाओं पर सवाल और आव्रजन नीतियां लगातार विवाद में रही है। यहीं से उनकी छवि विवादास्पद नेता के रूप में बननी शुरू हुई है।

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