नेपाल में हिंसक विरोध प्रदर्शन की वजह से हालात बिगड़ गए हैं और देश के सामने सियासी संकट खड़ा हो गया है। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि नेपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर के साथ एक रैली निकाली गई है। वीडियो में पीएम मोदी की तस्वीर वाला पोस्टर लिए कई लोग एक रैली निकालते दिख रहे हैं। इसमें लोगों के हाथ में भारत का तिरंगा और ढोल भी देखे जा सकते हैं।
हालांकि फैक्ट चेक की जांच में यह वायरल दावा झूठा साबित हुआ। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो सिक्किम का है, जहां 29 मई को पीएम मोदी के स्वागत में एक रैली निकाली गई थी। इस वीडियो का नेपाल से कोई लेना-देना नहीं है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक एक यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, “मोदी जी का जादू नेपाल में भी छाया हुआ है। चमचों आंखें बंद कर लो।" वहीं, X पर एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ''देखो चमचों मोदी नेपाल में भी छाया हुआ है‚ तुम लोग डूब कर मर क्यों नहीं जाते।''

वीडियो में दिख रहे पोस्टर पर इंग्लिश में लिखा है, "SIKKIMESE LIMBOO TRIBES WARMLY WELCOME TO HON'BLE PRIME MINISTER OF INDIA SHRI. NARENDRA MODI JI TO THE STATE OF SIKKIM." तो इसका मतलब है- सिक्किम की लिंबू जनजाति के लोग माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का सिक्किम राज्य में गर्मजोशी से स्वागत करते हैं।
जांच में हमें चंद्रा हांग यकथुंगबा नाम के एक यूजर की फेसबुक प्रोफाइल पर इसी रैली का एक और वीडियो मिला जिसे 29 मई को पोस्ट किया गया था। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा था कि लिंबू जनजाति के लोग प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत कर रहे हैं।
पोस्ट के कैप्शन में चंद्रा ने सिक्किम सरकार के लिंबू सांस्कृतिक दफ्तर के अधिकारी एसपी मांगयुंग को भी टैग किया था। इससे यह बात साफ हो जाती है कि यह रैली सिक्किम में निकाली गई थी, न कि हिंसाग्रस्त नेपाल में।
हालांकि आपको बता दें कि नेपाल में लोगों के बीच भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी जैसे चेहरे की मांग उठ रही है। कई नागरिकों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेतृत्व की तुलना करते हुए नेपाल में भी समान दृष्टिकोण वाले नेता की जरूरत पर जोर दिया है। एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स कह रहा है कि उन्हें नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री चाहिए।
हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस वीडियो का नेपाल से कोई लेना-देना नहीं है। यह वीडियो सिक्किम का है, जहां 29 मई को पीएम मोदी के स्वागत में एक रैली निकाली गई थी। फैक्ट चेक की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
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