वो सिंगर जिसने 90 के दशक की 'आशिकी' के गाने कर दिए अमर, आज भी चलता है इनके संगीत का सिक्का
वो सिंगर जिसने 90 के दशक की 'आशिकी' के गाने कर दिए अमर, आज भी चलता है इनके संगीत का सिक्का
'आशिकी' का यादगार संगीत देने वाली मशहूर संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण के श्रवण राठौड़ का गुरुवार, 22 अप्रैल, 2025 को निधन हो गया। लेकिन, उनके गाने आज भी लोगों के दिलों-दिमाग में जिंदा हैं।
Published : Nov 18, 2025 04:49 pm IST, Updated : Nov 18, 2025 05:02 pm IST
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अनु मलिक, जतिन–ललित, विजू शाह, उत्तम सिंह, आदित्य नारायण से लेकर बप्पी लहिरी तक, 90 के दशक का बॉलीवुड संगीत सचमुच सुनहरे दौर की तरह था। इसी दौर के एक चमकते सितारे थे नदीम–श्रवण की जोड़ी के श्रवण राठौड़। तस्वीर में दिखाई देने वाले श्रवण राठौड़ भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका दिया हुआ संगीत आज भी लोगों के दिलों में धड़कता है। उनके सदाबहार गीत समय के साथ फीके नहीं पड़े, बल्कि और भी ज्यादा यादगार बन गए हैं।
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श्रवण बॉलीवुड के जाने-माने संगीतकार थे। उन्होंने नदीम के साथ मिलकर कई फिल्मों में बेहतरीन संगीत देकर लोकप्रियता हासिल की थी। नदीम-श्रवण की जोड़ी 90 के दशक की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक थी, जिनके गीत का कोई तोड़ नहीं था। इस जोड़ी ने पहली बार 1977 में भोजपुरी फिल्म 'दंगल' के लिए म्यूजिक दिया था, जिसमें इनका कंपोज किया गाना 'काशी हिले पटना हिले' हिट साबित हुआ।
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'काशी हिले पटना हिले' की शानदार सफलता के बाद दोनों ने पहली बार बॉलीवुड फिल्म 'जीना सीख लिया' के लिए संगीत दिया। संगीत जिसे श्रवण ने नदीम के साथ मिलकर अमर कर दिया। दोनों को म्यूजिक इंडस्ट्री में कामयाबी फिल्म 'आशिकी' में दिए संगीत के कारण मिली, जो कि सुपरहिट हुए। उस वक्त इस एल्बम की करीब 2 करोड़ कॉपी बिकी थीं। 1990 से लेकर आज तक इस फिल्म के हर गाने को लोग बड़े आनंद के साथ सुनना पसंद करते हैं।
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बाद में दोनों ने 'साजन', 'दिल है कि मानता नहीं', 'सड़क', 'सैनिक', 'दिलवाले', 'राजा हिंदुस्तानी', 'फूल और कांटे' और 'परदेस' जैसी फिल्मों को बेहतरीन संगीत दिया और ये सभी एल्बम भी हिट साबित हुआ। 2000 के दशक में दोनों ने 'ये दिल आशिकाना', 'राज', 'कयामत', 'दिल है तुम्हारा', 'बेवफा' और 'बरसात' जैसी कई फिल्मों के लिए संगीत दिया। नदीम के यूके में रहने के बावजूद श्रवण ने लंबे समय तक जोड़ी के नाम से ही संगीत बनाया।
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गुलशन कुमार मर्डर केस में नाम सामने आने के बाद श्रवण के सहयोगी नदीम इंग्लैंड भाग गए, लेकिन 2002 में सबूत न होने की वजह से उनके खिलाफ हत्या में शामिल होने के केस को रद्द कर दिया गया। इस घटना के बाद में श्रवण से उनकी जोड़ी टूट गई और फिर 2005 में आई 'दोस्ती : फ्रैंड्स फॉरएवर' के बाद किसी फिल्म में दोनों ने एक साथ संगीत नहीं दिया।
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श्रवण राठौड़ के बनाए गीत आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं। उनकी धुनों में वो सादगी और मिठास है, जो वक्त के साथ कभी फीकी नहीं पड़ती। यही वजह है कि उनके संगीत का सिक्का आज भी उतनी ही मजबूती से चलता है जितना 90 के दशक में चलता था। उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर अवॉर्ड कई बार मिला, जैसे 'आशिकी', 'साजन', 'दीवाना' और 'राजा हिंदुस्तानी' फिल्मों के लिए।
श्रवण राठौड़ का निधन 22 अप्रैल, 2021 को मुंबई में हुआ था। दो दिन पहले उनके कोरोना संक्रमित होने की खबर सामने आई थी। बता दें कि रहेजा हॉस्पिटल से डॉ. कीर्ति भूषण ने यह खबर कन्फर्म की थी। डॉ. भूषण ने कहा- 'श्रवण का निधन रात 9:30 बजे हुआ।'