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Chhath Puja Fruits: पूजा की टोकरी में इन 7 फलों का होना जरूरी, छठी मैया के प्रिय फलों के बिना अधूरा रहेगा पर्व

Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
Published : Oct 25, 2025 11:38 am IST,  Updated : Oct 25, 2025 11:38 am IST
Chhath Puja Fruits List 2025: छठ पूजा सूर्य देव और छठ मैया की आराधना का महापर्व है। दिवाली के बाद से ही इस पवित्र त्योहार की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। व्रत रखने वाली महिलाएं नहाय-खाय और खरना के बाद अर्घ्य देने की तैयारी करती हैं। इस दौरान टोकरी या सूप में कई तरह के फल और पकवान सजाए जाते हैं।
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Chhath Puja Fruits List 2025: छठ पूजा सूर्य देव और छठ मैया की आराधना का महापर्व है। दिवाली के बाद से ही इस पवित्र त्योहार की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। व्रत रखने वाली महिलाएं नहाय-खाय और खरना के बाद अर्घ्य देने की तैयारी करती हैं। इस दौरान टोकरी या सूप में कई तरह के फल और पकवान सजाए जाते हैं।
इनमें कुछ खास फल ऐसे हैं जिनके बिना छठ पूजा अधूरी मानी जाती है। ये फल न केवल छठ मैया को प्रिय हैं, बल्कि पवित्रता के प्रतीक भी माने जाते हैं। आइए जानते हैं वो 7 जरूरी फल जो छठ पूजा में होना बेहद जरूरी है।
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इनमें कुछ खास फल ऐसे हैं जिनके बिना छठ पूजा अधूरी मानी जाती है। ये फल न केवल छठ मैया को प्रिय हैं, बल्कि पवित्रता के प्रतीक भी माने जाते हैं। आइए जानते हैं वो 7 जरूरी फल जो छठ पूजा में होना बेहद जरूरी है।
डाभ नींबू (बड़ा लाल नींबू): छठ पूजा में डाभ नींबू का विशेष महत्व है। हल्का खट्टा-मीठा स्वाद लिए यह सामान्य नींबू से आकार में बहुत बड़ा और अंदर से लाल होता है। इसकी मोटी परत इसे अशुद्ध होने से बचाती है। मान्यता है कि यह फल छठ मैया को बहुत प्रिय है, इसलिए पूजा में इसे जरूर शामिल करना चाहिए।
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डाभ नींबू (बड़ा लाल नींबू): छठ पूजा में डाभ नींबू का विशेष महत्व है। हल्का खट्टा-मीठा स्वाद लिए यह सामान्य नींबू से आकार में बहुत बड़ा और अंदर से लाल होता है। इसकी मोटी परत इसे अशुद्ध होने से बचाती है। मान्यता है कि यह फल छठ मैया को बहुत प्रिय है, इसलिए पूजा में इसे जरूर शामिल करना चाहिए।
केला (Banana): यूं तो हिंदू धर्म में होने वाले हर शुभ कार्य और पूजा अनुष्ठानों में केले जरूर शामिल किए जाते हैं। लेकिन छठ पूजा में भी केले का बहुत बड़ा महत्व है। मान्यता है कि इस फल में भगवान विष्णु का वास होता है। इसे घर पर ही पकाया जाता है ताकि यह शुद्ध बना रहे। केले को टोकरी में शामिल करने से जीवन में समृद्धि आती है और छठ मैया का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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केला (Banana): यूं तो हिंदू धर्म में होने वाले हर शुभ कार्य और पूजा अनुष्ठानों में केले जरूर शामिल किए जाते हैं। लेकिन छठ पूजा में भी केले का बहुत बड़ा महत्व है। मान्यता है कि इस फल में भगवान विष्णु का वास होता है। इसे घर पर ही पकाया जाता है ताकि यह शुद्ध बना रहे। केले को टोकरी में शामिल करने से जीवन में समृद्धि आती है और छठ मैया का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
सुथनी (Sweet Potato): आयुर्वेद के अनुसार, सुथनी सेहत के लिए लाभदायक और अत्यंत शुद्ध मानी जाती है। मिट्टी से निकलने वाला यह फल सात्विकता का प्रतीक माना जाता है। छठ पूजा में इसे चढ़ाने का बहुत महत्व बताया गया है।
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सुथनी (Sweet Potato): आयुर्वेद के अनुसार, सुथनी सेहत के लिए लाभदायक और अत्यंत शुद्ध मानी जाती है। मिट्टी से निकलने वाला यह फल सात्विकता का प्रतीक माना जाता है। छठ पूजा में इसे चढ़ाने का बहुत महत्व बताया गया है।
गन्ना (Sugarcane): गन्ने के बिना छठ पूजा अधूरी मानी जाती है। कई जगहों पर गन्ने का मंडप बनाकर उसके नीचे दीप जलाए जाते हैं। पत्तों सहित गन्ने को पवित्र माना जाता है क्योंकि यह सख्त होता है और कोई पशु इसे जूठा नहीं कर पाता। माना जाता है कि गन्ने की उपस्थिति से छठ मैया प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
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गन्ना (Sugarcane): गन्ने के बिना छठ पूजा अधूरी मानी जाती है। कई जगहों पर गन्ने का मंडप बनाकर उसके नीचे दीप जलाए जाते हैं। पत्तों सहित गन्ने को पवित्र माना जाता है क्योंकि यह सख्त होता है और कोई पशु इसे जूठा नहीं कर पाता। माना जाता है कि गन्ने की उपस्थिति से छठ मैया प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
सुपारी (Betel Nut): हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार, सुपारी का उपयोग हर शुभ कार्य में किया जाता है। यह कठोरता और स्थिरता का प्रतीक है। पूजा में सुपारी को देवी लक्ष्मी की कृपा का प्रतीक समझा जाता है। छठ पर्व में इसे सूप में रखना अनिवार्य माना गया है।
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सुपारी (Betel Nut): हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार, सुपारी का उपयोग हर शुभ कार्य में किया जाता है। यह कठोरता और स्थिरता का प्रतीक है। पूजा में सुपारी को देवी लक्ष्मी की कृपा का प्रतीक समझा जाता है। छठ पर्व में इसे सूप में रखना अनिवार्य माना गया है।
सिंघाड़ा (Water Chestnut): सिंघाड़ा जल में पनपने वाला फल है, जो पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इसका सख्त छिलका इसे अशुद्ध होने से बचाता है। छठ मैया को यह फल प्रिय है और माना जाता है कि इसे चढ़ाने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।
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सिंघाड़ा (Water Chestnut): सिंघाड़ा जल में पनपने वाला फल है, जो पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इसका सख्त छिलका इसे अशुद्ध होने से बचाता है। छठ मैया को यह फल प्रिय है और माना जाता है कि इसे चढ़ाने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।
नारियल (Coconut): नारियल को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है, इसलिए इसे सबसे पवित्र फल कहा जाता है। छठ पूजा में नारियल चढ़ाने से भक्त की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नारियल शुद्धता और समर्पण का प्रतीक है, इसलिए इसे सूप और टोकरी में जरूर शामिल करना चाहिए।
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नारियल (Coconut): नारियल को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है, इसलिए इसे सबसे पवित्र फल कहा जाता है। छठ पूजा में नारियल चढ़ाने से भक्त की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नारियल शुद्धता और समर्पण का प्रतीक है, इसलिए इसे सूप और टोकरी में जरूर शामिल करना चाहिए।
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