जम्मू-कश्मीर की टीम ने रणजी ट्रॉफी के जारी सीजन में इतिहास रच दिया है। उनकी टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब हुई है। जम्मू-कश्मीर ने 9 फरवरी को क्वार्टर फाइनल मैच में मध्य प्रदेश को 56 रनों से हराकर सेमीफाइनल में एंट्री मारी। इंदौर में खेले गए इस मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने मध्य प्रदेश के सामने 291 रन का लक्ष्य रखा था। इसके जवाब में मध्य प्रदेश की टीम 234 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
आकिब नबी ने झटके 12 विकेट
जम्मू-कश्मीर की इस ऐतिहासिक जीत के हीरो दिल्ली कैपिल्स के तेज गेंदबाज आकिब नबी रहे। इस मैच की दोनों पारियों को मिलाकर आकिब नबी ने कुल 12 विकेट अपने नाम किए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला है। उन्होंने पहली पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 40 रन पर सात विकेट अपने नाम किए, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 70 रन खर्च करते हुए कुल 5 विकेट चटकाए। इस तरह उन्होंने दोनों पारियों मिलाकर 12 विकेट हासिल किए।
पहली पारी में मध्य प्रदेश ने बनाए थे सिर्फ 152 रन
मुकाबले की बात करें तो जम्मू-कश्मीर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 194 रन बनाए थे। इसके जवाब में नबी ने धारदार बॉलिंग करते हुए एमपी को पहली पारी में 152 के स्कोर पर ऑलआउट कर दिया था। पहली पारी में जम्मू की टीम को 42 रनों की बढ़त मिली। इसके बाद जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी में 248 रन बनाकर एमपी के सामने 291 रन का लक्ष्य रखा। यह टारगेट MP की टीम के लिए बड़ा नहीं था। उनके पास रजत पाटीदार, देवदत्त पडीक्क्ल जैसे खिलाड़ी मौजूद थे।
सारांश जैन की अर्धशतकीय पारी गई बेकार
लक्ष्य का पीछा करने उतरे मध्य प्रदेश के बल्लेबाज ने खराब प्रदर्शन किया। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक MP की टीम ने 76 के स्कोर पर अपने पांच गंवा दिए थे। चौथे दिन का खेल शुरू होने के बाद भी मध्य प्रदेश के विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। हालांकि सारांश जैन ने 64 रन की पारी खेलकर टीम को मैच में बनाए रखा, लेकिन उनके आउट होते ही मध्य प्रदेश की पारी लड़खड़ा गई। पूरी टीम 234 रन पर ऑलआउट हो गई। मध्य प्रदेश के कप्तान रजत पाटीदार दोनों पारियों में फ्लॉप रहे। पहली पारी में वह 10 रन और दूसरी पारी में 8 रन ही बनाकर आउट हुए।
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