शीतला सप्तमी के दिन इन बातों का रखें ध्यान, जानें इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं
शीतला सप्तमी के दिन इन बातों का रखें ध्यान, जानें इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं
Sheetala Saptami 2026: चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि माता शीतला को समर्पित है। इस दिन शीतला माता की पूजा करने से चेचक जैसे रोगों से मुक्ति मिलती है।
Published : Mar 10, 2026 12:15 am IST, Updated : Mar 10, 2026 12:15 am IST
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हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शीतला सप्तमी (बसोड़ा) मनाया जाता है। देवी शीतला को रोगों विशेष रूप से चेचक, खसरा और त्वचा संबंधी रोगों से रक्षा करने वाली देवी के रूप में जाना जाता है। शीतला सप्तमी के दिन व्रत रखने और पूजा करने से इन सभी रोगों से मुक्ति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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शीतला सप्तमी के दिन देवी मां को बासी भोजन का भोग लगाने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि शीतला माता को ठंडी चीजें अति प्रिय है इसलिए उन्हें बासी भोजन का भोग चढ़ाया जाता है। तो आइए अब जानते हैं कि शीतला अष्टमी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
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शीतला सप्तमी के दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता है। इस दिन भोजन नहीं बनाया जाता है। तो इस बात का ध्यान खास ध्यान रखें। वरना माता शीतला आपसे अप्रसन्न हो सकती हैं।
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शीतला सप्तमी के दिन माता रानी को हलवा, बिना नमक वाली पूड़ी, दही, ठंडा दूध और मीठे चावल जैसी चीजों का भोग लगाएं।
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शीतला सप्तमी के दिन देवी मां को अर्पित किया गया भोग का प्रसाद ही ग्रहण करें।
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शीतला सप्तमी के दिन गरीब और जरूरतमंदों को अन्न और ठंडी चीजों का दान करें। इन चीजों का दान करना अत्यंत ही पुण्यकारी माना जाता है।
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शीतला सप्तमी के दिन तामसिक भोजन का सेवन न करें और किसी भी तरह के नशा से भी दूर रहें।