क्रिकेट का असली खेल टेस्ट क्रिकेट को माना जाता है। जिसमें बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों की कड़ी परीक्षा होती है। इतना ही नहीं टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाज और बल्लेबाज के अलावा नाइटवॉचमैन का अपना ही एक अलग महत्त्व होता है। दिन का खेल खत्म होने से पहले अगर कोई टीम अपना विकेट गंवाती है तो किसी प्रमुख बल्लेबाज के बदले कप्तान किसी निचले क्रम के बल्लेबाज को बल्लेबाजी के लिए भेजता है, ताकि दिन के खेल में टीम को और कोई बड़ा झटका न लगे। ये खिलाड़ी अधिकतर टीम के गेंदबाज ही होते हैं। जो आउट भी हो जाए तो टीम को फर्क नहीं पड़ता। लेकिन कभी-कभी यही बल्लेबाज टीम की जान बन जाते हैं और मैच को पलट भी देते हैं। इस तरह जानते हैं टेस्ट क्रिकेट के 5 नाइटवॉचमैन के नाम जिन्होंने जड़ा है शतक।
साल 2006 में बांग्लादेश के खिलाफ जेसन गिलेस्पी ने नाइटवॉचमैन के तौर पर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 201 रनों की शानदार पारी खेलकर सबको हैरान कर दिया। इस तरह क्रिकेट में ये उनका एकमात्र दोहरा शतक ही नहीं बल्कि शतक भी था।
साल 1999 में ज़िम्बाब्वे के खिलाफ हरारे के मैदान पर टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका की तरफ से मार्क बाउचर नाइटवॉचमैन के तौर पर बल्लेबाजी करने आए और 125 रनों की शानदार पारी खेली। दक्षिण अफ्रीका ने उस मैच में ज़िम्बाब्वे को एक पारी और 219 रनों से हराया था।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी टोनी मान ने 1977 में भारत के खिलाफ पर्थ के मैदान पर टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 'नाइटवॉचमैन' के तौर पर शानदार शतकीय पारी खेली थी और टीम की दो विकेट की रोमांचक जीत में अहम योगदान दिया था।
साल 1979 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुंबई के मैदान में खेले जा रहे टेस्ट मैच में भारत की एकमात्र पारी में सैयद किरमानी 'नाइटवॉचमैन' के तौर पर बल्लेबाजी करने आये और 101 रनों की शानदार नाबाद पारी खेली। भारत ने उस टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को एक पारी और 100 रनों से हराया था।
साल 1962 में इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान में खेले जा रहे टेस्ट मैच में पाकिस्तान के नसीम-उल-घनी ने दूसरी पारी में नाइटवॉचमैन के तौर पर 101 रनों की पारी खेली थी। हालाँकि इस मैच में पाकिस्तान को 9 विकेट से हराया था।