नेपाल के इस फैसले से एवरेस्ट पर चढ़ना अब नहीं रहा आसान, तस्वीरों में देखें पहाड़ का हाल
नेपाल के इस फैसले से एवरेस्ट पर चढ़ना अब नहीं रहा आसान, तस्वीरों में देखें पहाड़ का हाल
माउंट एवरेस्ट चढ़ना हर पर्वतारोही का सपना होता है। हर साल हजारों पर्वतारोही इसी उम्मीद में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने की प्लानिंग करते हैं लेकिन अब यह आसान नहीं होने वाला है। चलिए आपको पूरी बात बताते हैं साथ ही एवरेस्ट की तस्वीरें भी दिखाते हैं।
Published : Jan 23, 2025 04:31 pm IST, Updated : Jan 23, 2025 04:31 pm IST
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नेपाल की सरकार ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए परमिट शुल्क में 36 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। सरकार ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर कचरा फैलने से रोकने के लिए कई कदम भी उठाए हैं।
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नए पर्वतारोहण नियमों के तहत वसंत ऋतु (मार्च-मई) में सामान्य दक्षिण मार्ग से एवरेस्ट पर चढ़ने वाले विदेशियों के लिए परमिट शुल्क मौजूदा 11,000 अमेरिकी डॉलर प्रति व्यक्ति से बढ़ाकर 15,000 अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है। शरद ऋतु (सितंबर-नवंबर) के लिए चढ़ाई का शुल्क 5,500 अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 7,500 अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है। सर्दियों (दिसंबर-फरवरी) और मानसून (जून-अगस्त) के लिए प्रति व्यक्ति परमिट शुल्क 2,750 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 3,750 अमेरिकी डॉलर हो गया है।
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पर्यटन बोर्ड की निदेशक आरती न्यूपाने ने कहा कि 8848.86 मीटर ऊंची चोटी पर चढ़ने के लिए शुल्क की नई दरें एक सितंबर 2025 से प्रभावी होंगी।
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पर्यटन मंत्रालय में संयुक्त सचिव इंदु घिमिरे ने कहा कि कचरा प्रबंधन, ऊंचाई वाले क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सरकारी राजस्व को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर इस बदलाव को किया गया है।
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नए नियमों के अनुसार पर्वतारोही अपने साथ सिर्फ वही वस्तु ले जा सकेंगे जो पर्यटन विभाग द्वारा जारी किए गए परमिट दस्तावेज में सूचीबद्ध होंगी।
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बीते साल जून के महीने में नेपाल की सेना ने माउंट एवरेस्ट पर सफाई अभियान चलाया था। अभियान के तहत सेना के जवानों ने एवरेस्ट क्षेत्र से पांच मानव अवशेष और 11 टन कचरे को हटाया था। नेपाली सेना का यह सफाई अभियान करीब दो महीने चला था।