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CBI Raid on Gujarat IAS Officer: गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी के. राजेश के घर और दफ्तर पर सीबीआई का छापा

CBI Raid on Gujarat IAS Officer: सीबीआई ने 2011 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी के.राजेश के कार्यालय और आवास पर सर्च ऑपरेशन किया।

Nirnay Kapoor Written by: Nirnay Kapoor @nirnaykapoor
Updated on: May 20, 2022 13:13 IST
CBI Raid on Gujarat IAS Officer: - India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO CBI Raid on Gujarat IAS Officer: 

Highlights

  • सीबीआई की दिल्ली यूनिट ने इस अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था
  • सौराष्ट्र के कार्यकाल में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की कई शिकायतें मिली थीं

CBI Raid on Gujarat IAS Officer: सीबीआई ने 2011 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी के.राजेश के कार्यालय और आवास पर सर्च ऑपरेशन किया। ऑपरेशन को गांधीनगर, सुरेंद्रनगर, सूरत और अधिकारी के गृह राज्य आंध्र प्रदेश में एक साथ अंजाम दिया गया। सीबीआई की दिल्ली यूनिट ने इस अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था।

के.राजेश का सौराष्ट्र में कलेक्टर के रूप में तैनात रहने के दौरान दागी कार्यकाल रहा। सौराष्ट्र के कार्यकाल में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की कई शिकायतें मिली थीं। उनका गृह विभाग से भी ट्रांसफर कर दिया गया था, क्योंकि उनके खिलाफ गृह विभाग के एंटी करप्शन ब्यूरो में भी शिकायत दर्ज की गई थी।

उनके खिलाफ के अधिकारी द्वारा उच्च स्तरीय जांच पहले से ही एक रिटायर्ड एडिशनल चीफ सेक्रेटरी रैंक ऑफिशियल द्वारा की जा रही है। इस अधिकारी पर रिश्वत लेने के बाद संदिग्ध भूमि सौदों और हथियारों के लाइसेंस देने में हाथ होने का आरोप लगाया गया है। सभी प्राथमिक सूचनाओं पर विचार करने के बाद गुरुवार को सीबीआई दिल्ली यूनिट में के.राजेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। सीबीआई की दिल्ली यूनिट की एंटी करप्शन विंग की एक टीम गांधीनगर पहुंची और गांधीनगर स्थित सीबीआई अधिकारियों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया।

साथ ही सीबीआई टीमों को आंध्र प्रदेश में अधिकारी के गृह स्थल पर भेजा गया। क्योंकि सीबीआई को पता चला था कि कुछ प्राइवेट सिटीज़न्स भी भ्रष्टाचार के इन कामों में शामिल थे। सौराष्ट्र में आईएएस अधिकारी के कार्यकाल के दौरान किए गए भूमि सौदों के विवरण की भी जांच की जाएगी।

जांच से कुछ प्राइवेट सिटीजन्स के शामिल होने का भी पता चलेगा, जिन्होंने आईएएस अधिकारी के साथ मिलकर काम किया था और विशेष रूप से सौराष्ट्र में कलेक्टर के रूप में उनके संदिग्ध भूमि सौदों से लाभान्वित हुए थे। सर्च ऑपरेशन और उनके खुलासे के बारे में जल्द ही सीबीआई की ओर से आधिकारिक बयान आने की संभावना है।अधिकारियों को ऐसे दस्तावेज मिलने की उम्मीद है जो उनके व्यवहार पर अधिक प्रकाश डाल सकें।