पूरा देश इस वक्त लोकसभा चुनाव में व्यस्त है तो वहीं, दूसरी ओर हरियाणा विधानसभा में सियासी संकट शुरू हो गया है। तीन निर्दलीय विधायकों ने हरियाणा की नायब सैनी सरकार से समर्थन वापस ले लिया है और कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया है। जानकारी के मुताबिक, सभी विधायकों को जोड़कर भाजपा के पास 43 विधायक बच रहे हैं। इस बीच जननायक जनता पार्टी के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भी भाजपा को झटका देते हुए कांग्रेस को बाहर से समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। दुष्यंत ने कहा है कि अगर फ्लोर टेस्ट होता है तो उनके विधायक सरकार को गिराने का समर्थन करेंगे।
जजपा के प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि आज बीजेपी की सरकार अल्पमत में है। अगर सरकार को गिराया जाए तो हम सरकार गिराने में बाहर से समर्थन करेंगे। अब यह कांग्रेस को सोचना है कि वह बीजेपी सरकार को गिराने के लिए कोई कदम उठाएगी या नहीं। दुष्यंत ने आगे कहा कि सरकार को गिराने में हम बाहर से समर्थन देंगे। जब तक व्हिप की ताकत है तब तक सबको व्हिप के आदेश अनुसार वोट डालना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमें न कांग्रेस न बीजेपी के साथ जाने की जरुरत है। अगर आज फ्लोर टेस्ट होता है तो JJP के विधायक सरकार गिराने के लिए वोट करेंगे।
इस पूरे संकट पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस की सोच रही है ये इच्छाएं पूरी करते हैं। पहले भी लोगों ने देखा है कि जब लोकसभा में इनको लगता था कि इनकी सरकार दिक्कत में है तब ये कुछ लोगों की इच्छाएं पूरी करते हुए घूमते थे...हरियाणा सरकार को कोई दिक्कत नहीं हैं। सरकार पूरी मज़बूती से काम कर रही है। प्रदेश के लोग कांग्रेस की इच्छा पूरी करने वाली नहीं है। ये भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं कि सरकार अल्पमत में है। सरकार को कोई दिक्कत नहीं है।
हाल ही में हरियाणा विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हुआ था। नियम के मुताबिक दो फ्लोर टेस्ट के बीच कम से कम छह महीने का गैप होना जरूरी है। ऐसे में विपक्ष सितंबर 2024 तक अविश्वास प्रस्ताव नहीं ला सकता है। इसी साल अक्टूबर-नवंबर में हरियाणा में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में अल्पमत में सरकार होने के बावजूद बीजेपी की सरकार सुरक्षित है। सैनी सरकार गिरेगी नहीं।
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