1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. कोरोना वायरस: स्वामी रामदेव से जानें अस्थमा, डायबिटीज, क्रोनिक डिजीज के मरीजों के लिए कौन सा योगासन है बेस्ट

कोरोना वायरस: स्वामी रामदेव से जानें अस्थमा, डायबिटीज, क्रोनिक डिजीज के मरीजों के लिए कौन सा योगासन है बेस्ट

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Apr 03, 2020 11:55 am IST,  Updated : Apr 06, 2020 12:47 pm IST

स्वामी रामदेव ने बताया अगर कोई व्यक्ति अस्थमा, डायबिटीज, क्रोनिक डिजीज है तो किन योगासन को करें।

Baba ramdev- India TV Hindi
Baba ramdev

कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। हर कोई कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए घरों में कैद है। इसके साथ ही सरकार और डॉक्टर्स लोगों से अपील कर रहे हैं कि अपनी हाइजीन का ध्यान रखें। वहीं दूसरी ओर योगगुरू स्वामी रामदेव ने इंडिया टीवी के जरिए लोगों को बताया कि बताया कि आखिर आप घरों में रहकर कैसे कोरोना वायरस के संक्रमण से बच सकते हैं। स्वामी रामदेव ने बताया अगर कोई व्यक्ति अस्थमा, डायबिटीज, क्रोनिक डिजीज है तो किन योगासन को करें। 

कोरोना वायरस को हराने के दमदार टिप्स

स्वामी रामदेव ने बताया कि आप कैसे इम्यूनिटी बढ़ाकर आसानी से कोरोना वायरस के संक्रमण से बच सकते हैं। 

रोज एक या आधा घंटा प्रणायाम करें। 

  • नाक में औषधीय तेल की बूंदे डाले से मिलेगा फायदा।
  • गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करें। 
  • च्यवनप्राश रोजाना खाएं। 
  • तुलसी, अशव्गंधा, हर्बल टी है फायदेमंद
  • अदरक, काली मिर्च, हलदी, लहसुन का करें इस्तेमाल। 

रोजाना करें ये योग
स्वामी रामदेव ने बताया कि अगर आपकी इम्यूनिटी मजबूत होगी तो आप कोरोना वायरस के संक्रमण से बच सकते हैं। जानें कौन-कौन से योग है फायदेमंद।

उद्गीथ प्राणायाम
उद्गीत प्राणायाम को  'ओमकारी जप' भी कहा जाता है। इसे आप मेडिटेशन भी बोल सकते हैं। इससे नर्वस सिस्टम रखता है। इसके साथ ही दिमाग शांत रहने के साथ एक्रागता बढ़ती हैं। 

भ्रामरी प्राणायाम
यह प्राणायाम मस्तिष्क की तंत्रिकाओं को आराम देता है और मस्तिष्क के हिस्से को विशेष लाभ प्रदान करता है। मधु-मक्खी की ध्वनि की तरंगे मन को प्राकृतिक शांति प्रदान करती हैं।

अनुलोम विलोम
इस योग को करने से आपके फेफड़े मजबूत होगे। इसके साथ ही शरीर में शुद्ध आक्सीजन स्तर का इजाफा करेगा। सर्दी-जुकाम , मांसपेशियों को करेगा मजबूत। 

कपालभाति  प्राणायाम
कपालभाती प्राणायाम में आप नाक से जोर से हवा छोड़ते हैं। सांस छोड़ते हुए आप पेट अंदर की ओर खींचते हैं। इससे आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। 

भस्त्रिका प्राणायाम
भस्त्रिका शब्द का अर्थ है  धौंकनी। इसका मतलब  है कि यह एक ऐसा प्राणायाम जिसमें तेज गति में धौंकते हुए शुद्ध वायु अंदर ली जाती है और अशुद्ध वायु बाहर फेकते हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।