रमजान का पाक महीना चल रहा है, आज दूसरा जुमा है, इस खास महीने में बंदे रोजा रखकर रब को राजी करते हैं, ऐसा कहा जाता है कि रमजान में खुदा की खास रहमत बरसती है। 1 नेकी के बदले 70 नेकियां गिनी जाती हैं और खुदा रोजेदारों के सारे गुनाह माफ करता है। रोजा रखना, उपवास करना ऊपर वाले की इबादत का एक तरीका तो है ही सेहत के लिहाज से भी इसके कई फायदे हैं, क्योंकि सूरज की पहली किरण से लेकर सूरज ढलने तक यानि 12 से 14 घंटे बिना कुछ खाये-पिए निर्जला उपवास रखा जाता है, और ये बात मॉर्डन साइंस भी मानती है कि फास्टिंग से बॉडी में ऑटोफैगी प्रोसेस शुरू होता है और खुद से शरीर अपने आप को करेक्ट करता है।
छोटी बीमारी से लेकर कैंसर सेल्स तक खत्म करने की प्रोसेस शुरू हो जाता है, इस दौरान शरीर खुद को रिजुविनेट करता है यही वजह है कि 30 दिन के रोजे जिसमें आपके सब्र का इम्तिहान तो होता है, आपको फिजिकल स्ट्रेंथ भी देते हैं, और मेंटली भी स्ट्रॉन्ग बनाते हैं।
फास्टिंग के तमाम फायदे हैं लेकिन जरूरी है कि वो सही तरीके से की जाए, क्योंकि फास्टिंग का सीधा कनेक्शन बॉडी के तीन अंदरूनी एनर्जी से जुड़ा है। हम बात कर रहे हैं वात, पित्त और कफ की, जिसका बैलेंस बिगड़ने से शरीर में तमाम बीमारियों की एंट्री होती है।
सेहतमंद रहने के लिए इन तीनों एनर्जी का बैलेंस होना बहुत जरूरी है, जो फास्टिंग से मुमकिन है, ऐसे में रमजान का ये महीना लाइफ स्टाइल से जुड़ी तमाम परेशानियों को दूर करने के लिहाज से भी बेहद खास है। इसमें योग का साथ हो जाए तो शरीर को डबल सुरक्षा चक्र मिल जाता है, रमजान के पाक महीने में रोजेदार रोजे के साथ-साथ योग का कैसे फायदा ले सकते हैं, योग के साथ आयुर्वेदिक तरीके से शरीर को कैसे निरोगी और ताकतवर बना सकते हैं जानिए स्वामी रामदेव से।
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