शाब के रास्ते शरीर से विषैल पदार्थ बाहर निकलते हैं, कई बार लोगों में पेशाब में रुकावट आने की समस्या होने लगती है। शरीर में यूरिनरी डिजीज होने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन इसका आयुर्वेद में आसान इलाज है, जिसे अपनाकर आप पेशाब से जुड़ी कई समस्याओं से राहत पा सकते हैं। पेशाब के जुड़ी बीमारियों यानी मूत्र रोग में चंपा के फूल का इस्तेमाल किया जाता है। चंपा के फूल न सिर्फ खुशबू देते हैं बल्कि इनमें कई औषधीय गुण (benefits of champa flower) भी हैं।
मूत्र रोग (Urinary Disease) होने पर व्यक्ति को पेशाब में दर्द होना, पेशाब रुक-रुक कर आने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसका इसके इलाज में चंपा के फूल कारगर साबित होते हैं। चंपा के फूल मानसून के मौसम में आपको आसानी से सड़क के किनारे या पार्क में दिख जाएंगे। चंपा के फूल सफेद और हल्के पीले रंग के होते हैं और इनमें खुशबू भी होती है। पेशाब से जुड़ी बीमारियों के इलाज में चंपा के फूल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए आप चम्पा के 5-10 फूलों को पीसकर ठंढई की तरह पिएं। इससे पेशाब से जुड़ी समस्याों के साथ गुर्दे के रोगों का भी उपचार होता है।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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