आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और प्रोसेस्ड फूड्स की बढ़ती आदतों ने गट हेल्थ को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। नतीजा कब्ज, गैस, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। लेकिन राहत की बात यह है कि किचन में मौजूद कुछ छोटे-से बीज आपकी आंतों के लिए बड़े काम के साबित हो सकते हैं। कैलिफ़ोर्निया के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट सौराब सेठी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए बताया कि सही डाइट और एक्सरसाइज के साथ अगर कुछ खास बीजों को रूटीन में शामिल कर लिया जाए, तो गट हेल्थ बेहतर होगी।
चिया सीड्स: चिया सीड्स सॉल्युबल फाइबर से भरपूर होते हैं। पानी में भिगोने पर ये जेल जैसा टेक्सचर बना लेते हैं, जो शुगर एब्जॉर्प्शन को धीमा करता है। हेल्दी गट माइक्रोबायोम को पोषण देता है। बॉवेल मूवमेंट को रेगुलेट करने में मदद करता है। डॉ. सेठी के अनुसार, चिया सीड्स कभी भी सूखे नहीं खाने चाहिए। इन्हें रातभर भिगो दें। 1–2 बड़े चम्मच चिया सीड्स को बादाम दूध या दही में मिलाकर, ऊपर से बेरीज़ डालकर हेल्दी स्नैक तैयार करें।
अलसी के बीज: अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड (ALA) होता है जो एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। यह ब्लोटिंग कम करने में मदद करता है। यह हार्मोन को बैलेंस करता है और बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है। अलसी से शरीर न्यूट्रिएंट्स अच्छी तरह एब्जॉर्ब नहीं कर पाता, इसलिए इन्हें पीसकर ही खाएं। स्मूदी या ओटमील में हफ्ते में 3–4 बार 1 बड़ा चम्मच पिसी अलसी मिलाएं।
तुलसी के बीज: तुलसी के बीज में सॉल्युबल फाइबर भरपूर होता है और आयुर्वेद में पाचन सुधार के लिए उपयोग किए जाते हैं। यह बीज पाचन सुधार करने में मदद करता है, कब्ज से राहत मिलती है और गट क्लीनिंग में मदद करता है। इसे ओटमील, बादाम दूध या बादाम दही में चिया सीड्स के साथ मिलाकर इस्तेमाल करते हैं।
ये तीनों बीज छोटे जरूर हैं, लेकिन गट हेल्थ के लिए बेहद असरदार हैं। सही तरीके से भिगोकर और पीसकर इनका सेवन करने से पाचन बेहतर होता है, ब्लोटिंग कम होती है और माइक्रोबायोम मजबूत बनता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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