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पॉल्यूशन बन रहा है लंग कैंसर का कारण, स्वामी रामदेव ने बताया शरीर पर प्रदूषण के असर को कैसे कम करें

दिल्ली-एनसीआर में पॉल्यूशन की वजह से लोग हाल बेहाल है। ऐसे में भारत सरकार को कुछ करने की ज़रूरत है। ICMR की लेटेस्ट रिसर्च बहुत डराने वाली है। प्रदूषण का सबसे ज़्यादा हमला जिन फेफड़ों पर होता है। उन्हीं के कैंसर के मामले देश में तेज़ी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्वामी रामदेव ने बताया है कि शरीर को पॉल्यूशन से कैसे बचाएं।

Written By : Sajid Khan Alvi Edited By : Ritu Raj Published : Jan 15, 2026 08:42 am IST, Updated : Jan 15, 2026 08:42 am IST
पॉल्यूशन बन रहा है लंग कैंसर का कारण- India TV Hindi
पॉल्यूशन बन रहा है लंग कैंसर का कारण

तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे, मैं एक शाम चुरा लूं अगर बुरा न लगे, ये शायरी दिल्ली वाले दूसरे देश के लोगों को कह सकते हैं। दिल्ली-NCR वालों को इस शहर यानि बीजिंग की शाम नहीं हवा चुरा लेनी चाहिए। दिल्ली में जहां स्मॉग की चादर है तो वहीं बीजिंग में मौसम काफी साफ है। एकदम नॉर्डिक कंट्रीज़ के जैसा। जिस शहर की हवा आप चुराने को कह रहे हैं, वहां का हाल कभी दिल्ली से भी खराब था जहां 70 AQI नज़र आ रहा है, वहां 700 के पार हुआ करता था। इसके लिए चीन ने काफी जतन किए है तब जाकर वहां पॉल्यूशन लेवल इतना कम हुआ है। ऐसे ही उपाय अब भारत सरकार को करने की ज़रूरत है क्योंकि ICMR की लेटेस्ट रिसर्च बहुत डराने वाली है। प्रदूषण का सबसे ज़्यादा हमला जिन फेफड़ों पर होता है। उन्हीं के कैंसर के मामले देश में तेज़ी से बढ़ रहे हैं। 

हालांकि इस घातक बीमारी के मामले अभी नॉर्थ इस्ट में ज़्यादा हैं। लेकिन दिल्ली-NCR में लोग रोज़ाना जिस तरह 40 सिगरेट के बराबर प्रदूषण का ज़हर निगल रहे हैं उससे लगता है कि जल्दी ही दिल्ली-NCR लंग कैंसर के मामले में टॉप पर होगा। वैसे दिल्ली-NCR ही नहीं देश के 44 फीसदी शहर लंबे वक्त से ज़हरीली हवा में सांस लेने को मज़बूर हैं। यानि देश के हर दूसरे शहर में वायु गुणवत्ता सांस लेने लायक नहीं है और इसका हमला सिर्फ लंग्स पर नहीं बल्कि शरीर के हर ऑर्गन पर हो रहा है। 

क्योंकि खून में मिले टॉक्सिंस दिल तक पहुंचकर हार्ट अटैक तो दिमाग में घुसकर डिमेंशिया, अल्ज़ाइमर, एंग्ज़ाइटी बढ़ा रहे हैं। ब्लड में रुककर ब्लड प्रेशर तो पैंक्रियाज़ तक पहुंचकर शुगर हाई कर रहे हैं। इसके अलावा अस्थमा, एलर्जी, आर्थराइटिस के मरीज़ों की गिनती भी बढ़ रही है। ऐसे में सवाल यही उठता है कि इन घातक रोगों से कैसे बचा जाए और कैसे प्रदूषण को कंट्रोल किया जाए ताकि साफ हवा में सांस लेने का सपना सच हो सके। बढ़ते प्रदूषण पर लगाम कैसे लगाई जाए। ऐसे में स्वामी रामदेव से जानेंगे शरीर पर प्रदूषण का डैमेज कंट्रोल कैसे किया जाए। 

किससे कितना प्रदूषण ?  

ज़हरीली गैस PM 10 PM 2.5

4 पहिया पैट्रोल वाहन 

20%

अपशिष्ट जलाना 

25%

अपशिष्ट जलाना

24%

दुपहिया

पैट्रोल वाहन

14%

पराली

23%

पराली
23%

इंडस्ट्रियल

12%

घर का कचरा

18%

घर-इंडस्ट्री का कचरा
28%
केमिकल्स इंडस्ट्रियल  
8%    15%  

धुएं-स्मॉग का शरीर पर असर

गले में खराश ,
कंजक्टिवाइटिस
आंखों में जलन
नाक में खुजली
सूखी खांसी
ज़ुकाम
सीने मे चुभन
स्किन एलर्जी

प्रदूषण से बचने के लिए करें 'उपाय' 

1. बुज़ुर्ग,बच्चे, मरीज़ बाहर ना निकलें।
2. बाहर जाना पड़े तो मास्क पहनें।
3. घर में एयर प्यूरीफायर लगाएं।
4. खट्टी, ठंडी चीज़ें सॉफ्ट ड्रिंक्स से बचें।
5. न्यूट्रिशस फूड और आंवला खाएं।
6. वक्त वक्त पर पानी पीते रहें।
7. गले में खराश हो तो गरारे करें।
8. नाक बंद हो तो सुबह में भाप लें।
 

प्रदूषण का असर कम करे ये चीजें

1. क्रैनबेरी
एंटीऑक्सीडेंटस से भरपूर।  
स्किन एलर्जी रोकती है।
इंफेक्शन से बचाती है।
इम्यूनिटी बढ़ाती है।
 
2.अखरोट
घुटन से राहत
फेंफड़ों के लिए रामबाण    
गले-सीने की जकड़न साफ
चिड़चिड़ापन दूर करता है    
 
3. गुड़    
हीमोग्लोबिन बढ़ाता है
ब्लड में ऑक्सीजन बढ़ाता है
प्रदूषण का असर कम करता है
 
4.नींबू
हाइड्रेटेड रखने में मददगार। 
बॉडी डिटॉक्स में कारगर।

एलर्जी में रामबाण है ये चीजें

100 ग्राम बादाम, 20 ग्राम कालीमिर्च, 50 ग्राम शक्कर मिलाकर पाउडर बनाएं और 1 चम्मच दूध के साथ लें। 

एरेका पाम लगाएं

नुकसानदायक गैस कम करता है।
पत्तिया बड़ी होने से ज़्यादा ऑक्सीजन छोड़ता है।
घर अंदर से साफ पॉल्यूशन से बचाव

स्नेक प्लांट लगाएं

नाइट्रोज़न-सल्फर डाइऑक्साइड सोखता है। 
गाड़ियों का धुआं बेअसर करता है।
घर अंदर से साफ पॉल्यूशन से बचाव।

बोगनविलिया घर की बालकनी में लगाएं

ओज़ोन को सोख लेता है।
नाइट्रोज़न-सल्फर डायऑक्साइड सोखता है।

स्पाइडर प्लांट लगाएं

कार्बन मोनोक्साइड से बचाता है।
बेंजीन,जायलीन जैसी ज़हरीली गैस दूर करता है।

मनी प्लांट लगाएं

सूरज की कम रोशनी में भी उग जाता है। 
कार्बन डाइऑक्साइड PM 2.5 कण सोखता है। 
घर अंदर से साफ पॉल्यूशन से बचाव। 

पीस लिली

ज़हरीली गैस-धूल दूर रखता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

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