प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए गठबंधन जितने प्रचंड बहुमत से दोबारा सत्ता पर काबिज हुआ है, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह भी उतना अधिक भव्य होने जा रहा है। नरेंद्र मोदी का ये शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में गुरुवार शाम 7 बजे होने वाला है। समारोह के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मंत्रि परिषद को शपथ दिलाएंगे। पिछली बार भी शपथ ग्रहण समारोह इसी जतह आयोजित किया गया था। लेकिन इस बार समारोह पहले से कहीं बड़ा, विस्तृत और भव्य होगा।
प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के लिए देश और विदेश से राष्ट्राध्यक्षों, प्रमुख हस्तियों, राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों, फिल्म, कला के क्षेत्र की दिग्गज हस्तियों के साथ सैन्य अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है।
राष्ट्रपति भवन के सूत्रों के मुताबिक इस बार भी शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन के सामने स्थित फोरकोर्ट परिसर में आयोजित किया गया है। राष्ट्रपति भवन के मेन गेट और मेन बिल्डिंग के बीच का शानदार रास्ता है। ऐसा चौथी बार होगा जब किसी प्रधानमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह दरबार हॉल में न होकर फोरकोर्ट में होगा। इस बार करीब 7000 से 8000 लोगों के बैठने का इंतजाम किया गया है। जबकि पिछले शपथ ग्रहण समारोह में 5000 लोगों ने शिरकत की थी।
पिछली बार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से सार्क देशों को आमंत्रित किया गया है। जिसमें पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ सहित अफगानिस्तान, मालदीव जैसे सार्क देशों को आमंत्रित किया गया था। लेकिन इस बार मोदी ने बिम्स्टेक (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) के देशों को आमंत्रित किया है। ऐसे में इस बार बिम्स्टेक के देश जैसे बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान, म्यामार, नेपाल और थाईलैंड के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। यानि इस बार पाकिस्तान, अफगानिस्तान और मालदीव के राष्ट्राध्यक्ष मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी के पिछले शपथ ग्रहण समारोह में तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता ने भाग नहीं लिया था। उनके अलावा लगभग सभी राज्यों के मुख्यमंत्री इस समारोह में आए थे। पिछली बार 34 सीटें जीतने वाली ममता बनर्जी भी आई थीं। लेकिन इस बार ममता ने समारोह में न आने की घोषणा कर दी है। इसके अलावा एमपी से कमलनाथ और छत्तीसगढ़ से भूपेश बघेल जैसे कुछ कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने भी समारोह में आने से मना कर दिया है।
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