नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में चल रहे बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि विवाद में अब शिया वक्फ बोर्ड भी शामिल हो गया है। बोर्ड ने विवादित जगह पर मंदिर निर्माण का ये कहते हुए समर्थन किया है कि, "बाबरी मस्जिद का संरक्षक एक शिया था और सुन्नी वक्फ बोर्ड या कोई भी और सभी भारतीय मुसलमानों के प्रतिनिधित्व नहीं करता। हम इस विवाद को शांति से हल करना चाहते हैं।" बोर्ड के चैयरमेन वसीम रिजवी ने कहा है कि,"विवादित जगह पर कभी कोई मस्जिद नहीं थी और यहां कभी कोई मस्जिद नहीं हो सकती। ये भगवान राम की जन्मस्थली है यहां सिर्फ राममंदिर बन सकता है। बाबर के प्रति सहानुभूति रखने वालों की किस्मत में हारना लिखा है।'
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इससे पहले मुसलमानों और सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से पेश सीनियर ऐडवोकेट राजीव धवन ने कहावरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कोर्ट में कहा कि शिया वक्फ बोर्ड को इस केस में बोलने का कोई हक नहीं है। जिस तरह तालिबान ने बामियान में भगवान बौद्ध की मूर्ति तबाह की थी वैसे ही हिन्दू तालिबान ने बाबरी मस्जिद तबाह की है। केस की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।