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शिवसेना का बॉलीवुड पर हमला, कंगना रनौत के कंधे पर रखकर चलाई बंदूक

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 13, 2020 12:19 pm IST,  Updated : Sep 13, 2020 12:19 pm IST

शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के जरिए एक बार फिर से अभिनेत्री कंगना रनौत पर निशाना साधा। इतना ही नहीं, इस बार शिवसेना ने कंगना के हवाले से बॉलीवुड पर भी हमला किया।

अभिनेत्री कंगना रनौत और 'सामना' के कार्यकारी संपादक संजय राउत- India TV Hindi
अभिनेत्री कंगना रनौत और 'सामना' के कार्यकारी संपादक संजय राउत Image Source : INDIA TV

मुंबई: शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के जरिए एक बार फिर से अभिनेत्री कंगना रनौत पर निशाना साधा। इतना ही नहीं, इस बार शिवसेना ने कंगना के हवाले से बॉलीवुड पर भी हमला किया। शिवसेना ने कंगना के कंधे पर बंदूक रखकर बॉलीवुड पर निशाना साधा। 'सामना' में लिखा गया कि कंगना ने मुंबई पुलिस की बाबर से तुलना की, मुंबई को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) बताया और इसके बावजूद भी बॉलीवुड के एक तबके ने चुप्पी साधे रखी। इस तबके ने एक बार भी यह साफ नहीं किया कि पूरे बॉलीवुड के विचार कंगना के विचार जैसे नहीं है।

अक्षय पर भी शिवसेना का तंज

'सामना' में शिवसेना द्वारा अभिनेता अक्षय कुमार पर भी तंज कसा गया है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र में लिखा, मुंबई ने अक्षय कुमार को काफी कुछ दिया। सपनों के शहर में उन्होंने अपार सफलता हासिल की। लेकिन, इसके बाद भी कंगना के खिलाफ उन्होंने एक शब्द नहीं बोला। मुंबई का अपमान हुआ, लेकिन उन्होंने विरोध नहीं जताया। लिखा गया, "पूरा नहीं तो कम-से-कम आधे हिंदी फिल्म जगत को मुंबई के अपमान का विरोध करना चाहिए था और आगे आना ही चाहिए था। कंगना के विचार पूरी फिल्म इंडस्ट्री के विचार नहीं हैं, यह कहना चाहिए था। कम-से-कम अक्षय कुमार जैसे बड़े कलाकारों को सामने आना चाहिए था।"

बॉलीवुड की चुप्पी से शिवसेना नाराज

अपने मुखपत्र सामना में शिवसेना ने कंगना विवाद को पूरे लेकर बॉलीवुड पर सवाल खड़े किए। लेख के अनुसार, जब भी मुंबई का अपमान होता है, तब यह सितारे गर्दन झुकाकर बैठ जाते हैं। वह अपमान के खिलाफ कुछ नहीं बोलते। लिखा गया है, "मुंबई में दुनियाभर के अमीरों के घर हैं। जब भी मुंबई का अपमान होता है, यह सभी गर्दन झुकाकर बैठ जाते हैं। मुंबई का महत्व सिर्फ पैसा कमाने और दोहन के लिए ही है। इसके बाद फिर कोई प्रतिदिन मुंबई पर बलात्कार करे तो भी चलेगा।"

इशारों में धमकी!

सामना के लेख में लिखा गया, "इन सभी (ऊपर जिनका जिक्र किया गया है) को एक बात ध्यान रखनी चाहिए कि महाराष्ट्र की कमान ‘ठाकरे’ के हाथ में है। इसलिए, आज भूमिपुत्रों के स्वाभिमान के लिए सड़क पर उतरकर राड़ा वगैरह करने की जरूरत नहीं है।" 

निशाने पर कंगना रनौत

सामना ने अपने लेख में कंगना रनौत के हर बयान पर निशाना साधा। बीएमसी द्वारा अपना दफ्तर तोड़े जाने के बाद कंगना रनौत ने उसे राम मंदिर से जोड़ा था, जिसे लेख में सिर्फ और सिर्फ एक ड्रामा करार दिया गया।

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