Darsha Amavasya 2026 Date: दर्श अमावस्या कब है 18 या 19 मार्च, जान लें इसकी पूजा विधि, मुहूर्त और महत्व
Darsha Amavasya 2026 Date: दर्श अमावस्या कब है 18 या 19 मार्च, जान लें इसकी पूजा विधि, मुहूर्त और महत्व
Written By: Laveena Sharma@laveena1693
Published : Mar 17, 2026 09:32 am IST,
Updated : Mar 17, 2026 09:32 am IST
Darsha Amavasya 2026 Date, Timing: दर्श अमावस्या का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन चंद्र देव की पूजा होती है। जिस अमावस्या की रात में चंद्रमा पूरी तरह से अदृश्य हो जाता है, उस दिन दर्श अमावस्या होती है। यहां आप जानेंगे इ
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दर्श अमावस्या 2026
Darsha Amavasya 2026 Date, Timings: सनातन धर्म में दर्श अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। अमावस्या तिथि पर जब चंद्रमा पूरी तरह से अदृश्य हो जाते हैं तो उसे दर्श अमावस्या कहा जाता है। ये अमावस्या आत्म चिंतन और ध्यान करने के लिए अत्यंत शक्तिशाली मानी जाती है। कहते हैं इस अमावस्या पर पितरों का तर्पण या श्राद्ध करने से जीवन में सुख-शांति आती है। साथ ही पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है इस दिन साधना, जप-तप और दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है। चलिए जानते हैं इस साल दर्श अमावस्या कब है और इसकी पूजा विधि क्या है।
दर्श अमावस्या 2026 तिथि व मुहूर्त (Darsha Amavasya 2026 Date And Time)
दर्श अमावस्या 18 मार्च 2026 को है। अमावस्या तिथि का प्रारंभ 18 मार्च की सुबह 8 बजकर 25 मिनट से होगा और इसका समापन 19 मार्च की सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा।
दर्श अमावस्या पर क्या करते हैं (Darsha Amavasya Par Kya Karte Hain)
दर्श अमावस्या पर कई लोग व्रत रखते हैं।
इस दिन चंद्र देव की पूजा होती है।
दर्श अमावस्या पर चंद्र देव की प्रतिमा को सफेद फूल, चावल, चीनी और जल अर्पित करना चाहिए। साथ ही चंद्रमा के मंत्रों का जाप करना चाहिए। इससे मानसिक शांति मिलेगी।
इस दिन पितरों का श्राद्ध-तर्पण करने का विशेष महत्व माना जाता है।
दर्श अमावस्या पर जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्रों, अनाज या तिल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।
ये दिन कालसर्प दोष, पितृ दोष और त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए भी उपयुक्त रहता है।
दर्श अमावस्या पूजा विधि (Darsha Amavasya Puja Vidhi)
इस दिन सुबह जल्दी उठें और फिर स्नान करके साफ वस्त्र पहनें।
इसके बाद व्रत का संकल्प लें।
फिर भगवान शिव या विष्णु जी की विधि विधान पूजा करें और फिर चंद्र देव की उपासना करें।
चंद्र देव को चावल, दूध या पुष्प जरूर अर्पित करें।
अमावस्या की कथा सुनें।
इस दिन फलाहारी व्रत रहें।
दर्श अमावस्या दान (Darsha Amavasya Daan)
इस दिन कपड़ों का दान जरूर करना चाहिए।
इस दिन तिलदान भी श्रेष्ठ माना जाता है।
अमावस्या पर गरीबों को अन्न दान करना या गौ-सेवा करना भी अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
इस दिन दीपदान बहुत शुभ माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)