Tuesday, February 10, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. विजय माल्या को कोर्ट की दो टूक, कहा- 'पहले भारत लौटें, फिर होगी सुनवाई', जानें पूरा मामला

विजय माल्या को कोर्ट की दो टूक, कहा- 'पहले भारत लौटें, फिर होगी सुनवाई', जानें पूरा मामला

Reported By : Saket Rai Edited By : Subhash Kumar Published : Dec 04, 2025 10:20 pm IST, Updated : Dec 04, 2025 10:20 pm IST

विजय माल्या की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि माल्या पहले भारत लौटें, फिर सुनवाई होगी। बता दें कि विजय माल्या ने खुद पर लगाई गई धाराओं को असंवैधानिक बताया था।

vijay malya bombay high court- India TV Hindi
Image Source : PTI विजय माल्टा को कोर्ट से झटका। (फाइल फोटो)

बॉम्बे हाई कोर्ट ने भगोड़े बिजनेसमैन विजय माल्या  को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने विजय माल्या के FEOA को चुनौती देने वाली  की याचिका पर सवाल उठाते हुए साफ कहा कि जब तक माल्या के भारत लौटने की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। इसके बाद अदालत ने सुनवाई को 23 दिसंबर तक स्थगित कर दिया और कहा कि माल्या की वापसी की जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है।

माल्या के वकील ने क्या कहा?

बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान माल्या के वकील अमित देसाई ने बताया कि माल्या अभी लंदन में हैं, जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय ने कहा कि पहले बताया जाए कि वह भारत कब आ रहे हैं, तभी अदालत इस मामले को आगे बढ़ाएगी। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि याचिका की स्वीकार्यता पर भी उन्हें गंभीर संदेह है।

माल्या न्यायिक प्रक्रिया से बच रहे हैं- ED

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विजय माल्या की  याचिका को खारिज करने की मांग की है। एजेंसी का कहना है कि माल्या पर 6,200 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक धोखाधड़ी का मामला है और कुल देनदारी लगभग 15,000 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। ED ने तर्क दिया कि माल्या न्यायिक प्रक्रिया से बच रहे हैं, इसलिए उन्हें अधिनियम की वैधता पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं होना चाहिए।

ED ने माल्या के ‘संपत्ति अधिकार के उल्लंघन’ वाले दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें भारत आकर अदालत के सामने पेश होने के कई अवसर मिले थे, लेकिन वे नहीं आए। एजेंसी ने बताया कि FEO अधिनियम के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक के मामलों में संपत्ति कुर्की अनिवार्य है, खासकर जब इसका राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ता हो।

माल्या अधिनियम को असंवैधानिक बताया

आपको बता दें माल्या ने FEO अधिनियम की धारा 12(8) को भी असंवैधानिक बताया था, यह कहते हुए कि कुर्क की गई संपत्तियों को वापस लेने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इस पर ED ने जवाब दिया कि धारा 12(9) के अनुसार, यदि आरोपी भारत लौटता है और अदालत उसे दोषमुक्त पाती है, तो उसकी संपत्तियां वापस करने का अधिकार विशेष अदालत के पास है।

ये भी पढ़ें- ''16 साल में भी एसिड अटैक मामले का ट्रायल पूरा नहीं हुआ, यह राष्ट्रीय शर्म'', CJI सूर्यकांत ने की टिप्पणी

भारत में 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में हुईं 1.77 लाख मौतें, जानें चीन और अमेरिका के मुकाबले कहां हैं हम

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement