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''16 साल में भी एसिड अटैक मामले का ट्रायल पूरा नहीं हुआ, यह राष्ट्रीय शर्म'', CJI सूर्यकांत ने की टिप्पणी

एसिड अटैक के मामले का ट्रायल 16 साल बाद भी पूरा नहीं हुआ तो सुप्रीम कोर्ट ने इसपर गंभीर टिप्पणी की। जानें कि इस मामले को लेकर CJI सूर्यकांत ने क्या कहा।

Edited By: Vinay Trivedi
Published : Dec 04, 2025 06:18 pm IST, Updated : Dec 04, 2025 06:18 pm IST
CJI Surya Kant remarks- India TV Hindi
Image Source : PTI CJI सूर्यकांत ने तेजाब हमला मामले के ट्रायल में देरी पर की टिप्पणी।

नई दिल्ली: एसिड अटैक के मामलों में सुस्त ट्रायल को सुप्रीम कोर्ट ने “प्रणाली का मजाक” बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सभी हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि भारत में लंबित ऐसे मामलों की डिटेल 4 हफ्तों के भीतर उपलब्ध करवाई जाए। एसिड अटैक के मामलों के जल्द निपटारे के लिए स्पेशल कोर्ट बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी कहा कि वह कानून में संशोधन या अध्यादेश लाने पर विचार कर सकती है ताकि पीड़ितों को औपचारिक तौर पर दिव्यांगजन अधिकार कानून के अंतर्गत ‘दिव्यांगों’ में शामिल किया जा सके, जिससे कि वह कल्याणकारी योजनाओं का फायदा ले सकें।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को SC का नोटिस

सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस Joymalya Bagchi की बेंच ने एसिड अटैक सर्वाइवर शाहीन मलिक की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को नोटिस जारी किया। उनकी याचिका में डिमांड की गई है कि एसिड अटैक पीड़ितों को दिव्यांग की कैटेगरी में रखा जाए ताकि उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल पाए।

सुप्रीम कोर्ट ने किया “राष्ट्रीय शर्म” का जिक्र

इस दौरान, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को केंद्र सरकार “पूरी गंभीरता” से लेगी। दूसरी तरफ, एसिड अटैक सर्वाइवर शाहीन मलिक के खुद के मामले में 16 साल की लंबी देरी को पीठ ने “राष्ट्रीय शर्म” कहा। जान लें कि यह मामला 2009 से रोहिणी की अदालत में पेंडिंग है।

एसिड अटैक सर्वाइवर ने सुनाई आपबीती

एसिड अटैक सर्वाइवर शाहीन मलिक के मुताबिक, उनके ऊपर 2009 में हमला हुआ था लेकिन उनके केस का ट्रायल आज तक पूरा नहीं हुआ। साल 2013 तक उनके मामले में कोई प्रगति नहीं हुई और अब रोहिणी की अदालत में चल रहा ट्रायल अंतिम सुनवाई के फेज में है।

सीजेआई सूर्यकांत ने की सख्त टिप्पणी

सीजेआई सूर्यकांत ने 16 साल के बाद भी ट्रायल ना पूरा होने पर आश्चर्य जताते हुए कहा, “क्राइम 2009 का है और ट्रायल अभी तक पूरा नहीं हो पाया! अगर इन चुनौतियों का सामना राष्ट्रीय राजधानी ही नहीं कर पा रही, तो कौन करेगा? यह सिस्टम पर कलंक है! यह राष्ट्रीय शर्म है।” इसके बाद, सीजेआई सूर्यकांत ने एसिड अटैक सर्वाइवर शाहीन मलिक से कहा कि वह PIL में ही एक आवेदन दायर करें, जिसमें वह बताएं कि उनका केस क्यों पेंडिंग है। इसके साथ ही, बेंच ने आश्वासन दिया कि कोर्ट खुद संज्ञान भी ले सकता है।

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