Friday, March 13, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. चुनाव से पहले केंद्र ने दी बिहार के लोगों को खुशखबरी, कोसी से जुड़ेगी मेची नदी, परियोजना को मिली मंजूरी

चुनाव से पहले केंद्र ने दी बिहार के लोगों को खुशखबरी, कोसी से जुड़ेगी मेची नदी, परियोजना को मिली मंजूरी

Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav Published : Mar 28, 2025 05:00 pm IST, Updated : Mar 28, 2025 05:12 pm IST

कैबिनेट ने बिहार की कोसी मेची अंतर-राज्यीय लिंक परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल करने को मंजूरी दी।

कोसी नदी की फाइल फोटो- India TV Hindi
Image Source : PTI कोसी नदी की फाइल फोटो

नई दिल्लीः बिहार चुनाव से पहले केंद्र सरकार के उत्तर बिहार के लोगों को बड़ी खुशखबरी दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने बिहार की कोसी-मेची अंतर-राज्यीय लिंक परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल करने को मंजूरी दे दी है। जानकारी के अनुसार, इस परियोजना में 6,282.32 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इस परियोजना को मार्च 2029 तक पूरा करने के लिए बिहार को 3,652.56 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता को भी मंजूरी दी गई है।

परियोजना में किया जाएगा ये काम

कोसी-मेची अंतर-राज्यीय संपर्क परियोजना में मौजूदा पूर्वी कोसी मुख्य नहर (ईकेएमसी) के पुनर्निर्माण के माध्यम से बिहार में स्थित महानंदा बेसिन में सिंचाई के विस्तार के लिए कोसी नदी के जल के हिस्से को मोड़ने और ईकेएमसी को 41.30 किमी से आगे 117.50 किमी तक मेची नदी तक विस्तार करने की योजना है।

इन जिलों के किसानों को होगा फायदा

 ताकि बिहार से होकर बहने वाली कोसी और मेची नदियों को बिहार के भीतर एक साथ जोड़ा जा सके। लिंक परियोजना से बिहार के अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों में खरीफ सीजन में 2,10,516 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई की जा सकेगी। इस परियोजना में प्रस्तावित लिंक नहर के माध्यम से कोसी के लगभग 2,050 मिलियन क्यूबिक मीटर जल को मोड़ने/उपयोग करने की क्षमता है। इसके अलावा मौजूदा पूर्वी कोसी मुख्य नहर के मौजूदा कमांड के 1.57 लाख हेक्टेयर में कमी वाली आपूर्ति को बहाल किया जाएगा। 

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2015 में हुई थी शुरू

बता दें कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) वर्ष 2015-16 के दौरान शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य खेत पर पानी की पहुंच को बढ़ाना और सुनिश्चित सिंचाई के तहत खेती योग्य क्षेत्र का विस्तार करना, खेत पर पानी के उपयोग की दक्षता में सुधार करना, स्थायी जल संरक्षण प्रथाओं को शुरू करना आदि था। पीएमकेएसवाई-एआईबीपी के तहत अब तक 63 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और अप्रैल, 2016 से 26.11 लाख हेक्टेयर की अतिरिक्त सिंचाई क्षमता सृजित की गई है।  

इनपुट- पीटीआई

 

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement