प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित वीओ चिदंबरनार बंदरगाह पर 17,000 करोड़ रुपये से अधिक की 36 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। यहा कार्यक्रम बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय सड़क परिवहन और राजमार्ग; और रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के जरिए पूरे तमिलनाडु में परिवहन बुनियादी ढांचे और समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने देश के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने में इन प्रोजेक्ट्स के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इन पहलों के माध्यम से व्याप्त 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना पर जोर देते हुए विकसित भारत के सपने को साकार करने में इन प्रोजेक्ट की भूमिका के बारे में बताया। पीएम मोदी ने तमिल में कई विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद कहा, "ये प्रोजेक्ट विकसित भारत के रोडमैप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन विकासों में 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना भी देखी जा सकती है।"
पीएम मोदी के जरिए उद्घाटन की गई प्रोजेक्ट में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा सहित कई क्षेत्र शामिल हैं। ये विकास स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार हैं।
पीएम मोदी ने क्रमशः 10,324 करोड़ रुपये, 1,477 करोड़ रुपये और 4,586 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोजेक्ट की तीन कैटेगरी- फाउंडेशन, नेशनल प्रोजेक्ट और उद्घाटन का अनावरण किया।
पीएम मोदी आउटर हार्बर कंटेनर टर्मिनल प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे और भारत के अग्रणी हरित हाइड्रोजन हब के रूप में वीओसी पोर्ट का उद्घाटन करेंगे।
जीटीटीपी का लक्ष्य 2030 तक सभी टगों में से कम से कम 50 प्रतिशत को ग्रीन टग में बदलना है, प्रमुख बंदरगाह 2027 तक कोचीन शिपयार्ड से दो बिल्कुल नए ग्रीन टग खरीदने के लिए तैयार हैं।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पिछले दशक में बंदरगाह की क्षमता में प्रंशसानीय बदलाव पर प्रकाश डाला, जिसमें थ्रूपुट दोगुना होने और टर्नअराउंड समय में काफी कमी आई है।
कल उद्घाटन की जाने वाली अधिकांश बंदरगाह आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट सागरमाला कार्यक्रम के अंतर्गत आती हैं, जिसमें 93,671 करोड़ रुपये की 98 प्रोजेक्ट्स तमिलनाडु में की जा रही हैं।
मछली पकड़ने की बंदरगाह प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग सपोर्ट और समुद्री स्किल डेवलपमेंट पर जोर देने के साथ, सागरमाला जैसी पहल ने तटीय समुदायों के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
चेन्नई से रूस के व्लादिवोस्तोक तक पूर्वी समुद्री गलियारा कार्गो परिवहन में यात्रा के समय और दूरी को काफी कम करने का वादा करता है, जिससे भारत और सुदूर पूर्व रूस के बीच मजबूत संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।
तमिलनाडु क्रूज़ पर्यटन में तेजी से प्रगति कर रहा है, जिसमें श्रीलंका के लिए कॉर्डेलिया क्रूज़ और आगामी घरेलू क्रूज़ जैसी पहल शामिल हैं, जिसका उद्देश्य क्रूज़ यात्रियों की संख्या और आर्थिक क्षमता को बढ़ाना है।
पीएम मोदी तमिलनाडु में ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्टचर को और बढ़ाने के लिए क्रमशः 1,477 करोड़ रुपये और 4,586 करोड़ रुपये की रेलवे और सड़क प्रोजेक्ट भी सौंपेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी 986 करोड़ रुपये के इसरो प्रोजेक्ट भी लॉन्च करेंगे, जो स्पेस एक्पोलरेशन और इनोवेशन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाएगी।
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