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Rajat Sharma's Blog | जेल में केजरीवाल : क्या अब कमान सुनीता के पास?

Written By: Rajat Sharma @RajatSharmaLive Published : Apr 02, 2024 07:28 pm IST, Updated : Apr 02, 2024 07:28 pm IST

सोमवार को केजरीवाल की पेशी के बाद सुनीता केजरीवाल ने कहा कि 11 दिन की पूछताछ के बाद भी केजरीवाल को रिहा नहीं किया गया क्योंकि बीजेपी नहीं चाहती कि वो लोकसभा चुनाव तक बाहर आएं लेकिन देश की जनता इसका जवाब देगी।

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Image Source : INDIA TV इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल शराब आबकारी मामले में 15 अप्रैल तक तिहाड़ जेल रहेंगे। सोमवार को उन्हें जेल भेजा गया। मंगलवार को दो घटनाएं हुई – मंत्री आतिशी ने आरोप लगाया कि उनके एक नज़दीकी के ज़रिए उन्हें ऑफर भिजवाया गया कि वो बीजेपी खेमे में आ जाएं, वरना एक महीने के अंदर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आतिशी ने ये भी आरोप लगाया कि ईडी उन्हें, सौरभ भारद्वाज, राघव चड्ढा और दुर्गेश पाठक को एक महीने के अन्दर गिरफ्तार करने की योजना बना रही है। मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट से सांसद संजय सिंह के लिए राहत भरी खबर आई। कोर्ट ने संजय सिंह को ज़मानत पर छोड़ने का आदेश दिया। संजय सिंह पिछले छह महीने से तिहाड़ जेल में थे। 11 दिन तक ED की रिमांड में रहने के बाद केजरीवाल को 15 दिन के लिए तिहाड़ जेल भेजा जाना उतनी बड़ी बात नहीं थी, जितना कि ईडी का कोर्ट में ये खुलासा कि केजरीवाल ने पूछताछ के दौरान आतिशी और सौरभ भारद्वाज के नाम लिए हैं। ED ने कोर्ट को बताया कि पूछताछ के दौरान केजरीवाल ने ये कहा कि विजय नायर को वो थोड़ा बहुत जानते है लेकिन विजय नायर उन्हें रिपोर्ट नहीं करता था, विजय नायर तो असल में सौरभ भारद्वाज और आतिशी को रिपोर्ट करता था। ED के मुताबिक विजय नायर वो शख्स है जिसकी भूमिका शराब नीति की ड्राफ्टिंग से लेकर क्रियान्वयन तक थी। विजय नायर पर ही शराब नीति में रिश्वत के तौर पर मिले पैसे को आम आदमी पार्टी तक पहुंचाने का इल्जाम है। कोर्ट को ED ने बताया कि पूछताछ के दौरान केजरीवाल ने कहा कि विजय नायर से उनकी बहुत बात नहीं होती थी, उन्हें तो ये भी नहीं मालूम कि विजय नायर उनके कैंप ऑफिस से काम करता था। ED का दावा है कि केजरीवाल ने बताया कि विजय नायर तो सौरभ भारद्वाज और आतिशी को रिपोर्ट करता था।

ED की तरफ़ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल  एसवी राजू ने कहा कि केजरीवाल जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। ED ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के घर से जो डिजिटल डिवाइस ज़ब्त की गई थी, उनके पासवर्ड देने से केजरीवाल ने मना कर दिया है। वहीं, जब विजय नायर और दूसरे आरोपियों के पास से ज़ब्त सोशल मीडिया बातचीत केजरीवाल को दिखाए गए, तो उन्होंने कोई भी जानकारी नहीं होने की बात कही। सोमवार को कोर्ट में अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल भी मौजूद थीं। जब से अरविंद केजरीवाल गिरफ्तार हुए हैं, तब से सुनीता केजरीवाल बहुत सक्रिय हैं। वही आम आदमी पार्टी का चेहरा बन गई हैं। रविवार को मोदी विरोधी मोर्चे की रैली में सुनीता केजरीवाल शामिल हुई और मंच पर सोनिया गांधी के बगल में बैठीं। सोमवार को केजरीवाल की पेशी के बाद सुनीता केजरीवाल ने कहा कि 11 दिन की पूछताछ के बाद भी केजरीवाल को रिहा नहीं किया गया क्योंकि बीजेपी नहीं चाहती कि वो लोकसभा चुनाव तक बाहर आएं लेकिन देश की जनता इसका जवाब देगी। लेकिन सबसे ज्यादा अब चर्चा इस बात की है कि आखिर शराब घोटाले के केस में केजरीवाल ने सौरभ भारद्वाज और आतिशी का नाम क्यों लिया? ED का दावा ये है कि शराब घोटाले से मिली रकम में से 45 करोड़ रुपए का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी ने गोवा के विधानसभा चुनाव में किया। गोवा में विधानसभा चुनाव के वक्त आतिशी, गोवा में आम आदमी पार्टी की प्रभारी थी। उस वक़्त उन्होंने इसी हैसियत से चुनाव आयोग को कई चिट्ठियां लिखी थी। इसके अलावा आम आदमी पार्टी  के राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता ने भी पूछताछ में ED को बताया था कि गोवा के चुनाव में कितने पैसे खर्च हुए, कहां खर्च हुए, इसकी जानकारी सिर्फ़ गोवा की पार्टी प्रभारी आतिशी को थी।

केजरीवाल का जेल जाना तय था, ये बात वो खुद जानते थे। इसीलिए उन्होंने ED के 9 समन की अनदेखी की।  वो चाहते थे कि किसी तरह लोकसभा चुनाव तक गिरफ्तारी को टाला जाए लेकिन उनकी ये मंशा पूरी नहीं हो पाई। हैरानी की बात ये है कि केजरीवाल ने ED के सामने सौरभ भारद्वाज और आतिशी सिंह का नाम क्यों लिया? केजरीवाल भी समझते हैं कि अब इन दोनों को समन भेजा जा सकता है, पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है, फिर चुनाव के वक्त दो सबसे सक्रिय नेताओं को इस मुसीबत में क्यों डाला? कुछ लोगों का तो यहां तक कहना है कि केजरीवाल चाहते हैं कि इन दोनों को भी गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद उनकी पार्टी के लोग कह सकेंगे कि मोदी सरकार उनकी पार्टी को चुनाव से दूर रखना चाहती है। केजरीवाल के जेल जाने के बाद सौरभ भारद्वाज और आतिशी सिंह ही केजरीवाल का बचाव कर रहे थे, रोज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। सोमवार को भी दोनों कोर्ट में मौजूद थे। आम आदमी पार्टी में यही दोनों नेता ऐसे हैं, जो केजरीवाल के जेल जाने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी के दावेदार हो सकते थे। इसलिए कुछ ये लोग ये भी कह रहे हैं कि अगर इन दोनों का नाम भी शराब घोटाले में आ गया तो फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए सुनीता केजरीवाल के अलावा और कोई नाम नहीं होगा। इसीलिए केजरीवाल ने पत्नी का रास्ता साफ करने के लिए ये दांव चला है। हालांकि कोर्ट में ED के खुलासे के बाद सौरभ भारद्वाज और आतिशी भी हैरान थे। दोनों ने न प्रेस कॉन्फ्रेंस की, न कोई बयान दिया, लेकिन शाम होते होते आतिशी ने ट्विटर पर ये लिखकर कि वो मंगलवार सुबह कोई बड़ा खुलासा करेंगी, सबको चौंका दिया। लेकिन जो लोग आम आदमी पार्टी को करीब से जानते हैं, उनका कहना है कि इस बात की उम्मीद किसी को नहीं करनी चाहिए कि आतिशी केजरीवाल के खिलाफ कुछ बोलेंगी। हालांकि हकीकत क्या है, केजरीवाल के मन में क्या है, ये उनके सिवा कोई और नहीं जानता। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 01 अप्रैल, 2024 का पूरा एपिसोड

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