1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. कर्नाटक के जननयोगाश्रम के संत सिद्धेश्वर स्वामी का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

कर्नाटक के जननयोगाश्रम के संत सिद्धेश्वर स्वामी का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 03, 2023 08:12 am IST,  Updated : Jan 03, 2023 08:12 am IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जननयोगाश्रम के संत सिद्धेश्वर स्वामी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उन्हें समाज की असाधारण ढंग से सेवा करने के लिए याद किया जाएगा।

Saint Siddheshwar Swami, Jananyogashram, Siddheshwar Swami Modi- India TV Hindi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं संत सिद्धेश्वर स्वामी। Image Source : TWITTER.COM/NARENDRAMODI

विजयपुरा: कर्नाटक के प्रसिद्ध संत सिद्धेश्वर स्वामी का सोमवार को निधन हो गया। जननयोगाश्रम के संत सिद्धेश्वर स्वामी अपनी विद्वता और मुखर वक्ता के रूप में जाने जाते थे। 81 साल के संत पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। अपने अनुयायियों में ‘वॉकिंग गॉड’ यानी कि जीवित भगवान के रूप में लोकप्रिय संत के निधन की घोषणा करते हुए विजयपुरा के उपायुक्त विजय महंतेश धनम्मनावा ने बताया कि उन्होंने सोमवार को आश्रम में अंतिम सांस ली। PM नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने संत के निधन पर शोक जताया है।

विजयपुरा में सरकारी छुट्टी का ऐलान

कर्नाटक सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, सरकार ने सिद्धश्वर स्वामी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से करने का निर्णय किया है। बयान के मुताबिक, उनके पार्थिव शरीर को आश्रम में सुबह 8 बजे तक रखने के बाद सैनिक स्कूल में शाम 5 बजे तक रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार शाम 5 बजे के करीब किया जाएगा। संत के निधन की जानकारी मिलने के बाद उनके हजारों भक्त आश्रम के आसपास जुटने शुरू हो गए। विजयपुरा जिला प्रशासन ने सिद्धेश्वर स्वामी के निधन के कारण आज स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में छुट्टी घोषित की है।


संत के निधन पर PM मोदी ने जताया शोक
बता दें कि मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई संत सिद्धेश्वर स्वामी को देखने के लिए एक जनवरी को अस्पताल भी गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संत के निधन पर शोक जताया है। ट्विटर पर अपने शोक संदेश में प्रधानमंत्री ने लिखा, ‘परमपूज्य श्री सिद्धेश्वर स्वामी जी को समाज की असाधारण सेवा के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने दूसरों की भलाई के लिए अथक परिश्रम किया और वह अपनी विद्वता के लिए भी जाने जाते थे। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके असंख्य भक्तों के साथ हैं। शांति।’

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत