Sakat Chauth Vrat 2026: सकट चौथ व्रत 6 जनवरी को, अगर पहली बार रख रही हैं ये व्रत तो जान लें इसकी संपूर्ण विधि
Sakat Chauth Vrat 2026: सकट चौथ व्रत 6 जनवरी को, अगर पहली बार रख रही हैं ये व्रत तो जान लें इसकी संपूर्ण विधि
Written By: Laveena Sharma@laveena1693
Published : Jan 02, 2026 12:48 pm IST,
Updated : Jan 03, 2026 01:35 pm IST
Sakat Chauth Vrat 2026: सकट चौथ व्रत का फल तभी प्राप्त होता है जब ये व्रत विधि-विधान से और श्रद्धा के साथ रखा जाए। मान्यता है कि सच्चे मन से किया गया यह व्रत संतान के जीवन के सारे संकट दूर कर देता है।
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सकट चौथ व्रत कब है 2026
Sakat Chauth Vrat 2026: हिंदू धर्म में सकट चौथ व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। ये व्रत महिलाओं द्वारा संतान सुख, संतान की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। इस चौथ को तिलकुटा चौथ, संकष्टी चौथ और माघ कृष्ण चतुर्थी भी कहा जाता है। अगर आप पहली बार ये व्रत रखने जा रही हैं तो सबसे पहले तो इस व्रत की पूरी विधि के बारे में जान लें जिससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।
सकट चौथ व्रत कब है 2026 (Sakat Vrat Kab Hai 2026)
सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी 2026 को है। इस दिन चन्द्रोदय समय रात 08:54 बजे का है। चतुर्थी तिथि का प्रारम्भ 6 जनवरी 2026 की सुबह 08:01 से होगा और समापन 7 जनवरी 2026 की सुबह 06:52 पर होगा।
सकट चौथ व्रत विधि (Sakat Chauth Vrat Vidhi)
सकट चौथ व्रत रखने वाली महिलाएं ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
इसके बाद साफ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
पूरे दिन निर्जला व्रत रहें और अगर बिना पानी के व्रत रह पाना संभव न हो तो फलाहार व्रत रखें।
इस व्रत में भगवान गणेश की पूजा होती है। पूजा के समय सकट व्रत की कथा भी जरूर सुनी जाती है।
इस दिन भगवान को तिल, गुड़ और तिल से बने लड्डू का भोग जरूर लगाना चाहिए।
भगवान गणेश की पूजा के बाद चंद्र देव की पूजा होती है।
इस व्रत का पारण चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद किया जाता है।
चंद्र देव को अर्घ्य जल में दूध और तिल मिलाकर अर्पित करें।
सकट चौथ व्रत के फायदे (Sakat Chauth Vrat Ke Fayde)
धार्मिक मान्यताओं अनुसार सकट चौथ व्रत रखने से संतान को लंबी आयु की प्राप्ति होती है। साथ ही संतान के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इतना ही नहीं इस व्रत को करने से परिवार में खुशहाली और समृद्धि भी बनी रहती है।