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'महाराष्ट्र में केवल मराठी भाषा अनिवार्य है, कोई अन्य भाषा नहीं', मुख्यमंत्री फडणवीस का बड़ा बयान-VIDEO

 Reported By: Saket Rai, Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Jan 02, 2026 06:35 pm IST,  Updated : Jan 02, 2026 07:05 pm IST

भाषा विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस का बड़ा बयान सामने आया है। सीएम फडणवीस ने कहा कि भाषा की अनिवार्यता का मुद्दा बहस का विषय बना हुआ है। वह फ्रेंच और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं का दिल से स्वागत करते हैं।

सीएम देवेंद्र फडणवीस- India TV Hindi
सीएम देवेंद्र फडणवीस Image Source : REPORTER INPUT

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य है, कोई अन्य भाषा नहीं। सतारा में 99वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम फडणवीस ने इस बात का ऐलान किया है। सीएम फडणवीस ने कहा कि फ्रेंच और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं का खुले दिल से स्वागत करते हुए अन्य भारतीय भाषाओं का विरोध करना गलत है। 

जमकर हुए थे प्रदर्शन

पिछले साल भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने महाराष्ट्र में पहली कक्षा से हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में शुरू करने के अपने फैसले को बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बाद रद्द कर दिया था। साथ ही इस मुद्दे की जांच के लिए एक समिति का गठन किया था। 

महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य- सीएम

फडणवीस ने अपने भाषण में उल्लेख किया कि भाषा की अनिवार्यता का मुद्दा व्यापक रूप से बहस का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री के तौर पर मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य है। कोई अन्य भाषा अनिवार्य नहीं है। हालांकि, तीन-भाषा प्रणाली को लेकर मतभेद थे। छात्रों को अपनी पसंद की कोई भी भारतीय भाषा सीखने की स्वतंत्रता है। सवाल सिर्फ यह था कि तीसरी भाषा किस कक्षा से शुरू की जानी चाहिए।’ 

MVA सरकार की दौरान तैयार की गई रिपोर्ट

विवाद का जिक्र करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि महाविकास आघाड़ी (MVA) सरकार के दौरान तैयार की गई एक रिपोर्ट में पहली कक्षा से ही हिंदी को अनिवार्य बनाने की सिफारिश की गई थी और उनकी सरकार ने शुरू में इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया था। 

पहली कक्षा से ही भाषा को बनाया गया अनिवार्य

उन्होंने कहा, लेकिन पहली कक्षा से ही (हिंदी) भाषा को अनिवार्य बनाने को लेकर व्यापक बहस और विरोध हुआ, इसलिए नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हालांकि, मैं यह दोहराना चाहूंगा कि महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य है, कोई अन्य भाषा नहीं।’ 

भारतीय भाषाओं को भी वही सम्मान मिलना चाहिए- सीएम फडणवीस

उन्होंने कहा, ‘मैं खेदपूर्वक यह भी कहना चाहूंगा कि हम अंग्रेजी, फ्रेंच और स्पेनिश जैसी भाषाओं का खुले दिल से स्वागत करते हैं। इन भाषाओं के प्रति हमारा रुख सकारात्मक है क्योंकि ये अंतरराष्ट्रीय भाषाएं हैं। लेकिन भारतीय भाषाओं का विरोध करते हुए अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का स्वागत करना अनुचित है। मेरा मानना ​​है कि हमारी भारतीय भाषाओं को भी वही सम्मान मिलना चाहिए, और यही हमारा रुख है।’

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