श्रीनगर: हरियाणा के फरीदाबाद में किराए के कमरे से 360 किलोग्राम विस्फोटक बरामद होने के बाद गिरफ्तार किए गए डॉक्टर मुजम्मिल गनई की बहन का बड़ा बयान सामने आया है। डॉक्टर मुजम्मिल गनई की बहन असमत शकील ने कहा कि अगर मेरा भाई भी आरोपी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए।
डॉक्टर मुजम्मिल गनई की बहन असमत शकील ने बताया, "वो पिछले चार सालों से फरीदाबाद में था और साल में एक-दो बार घर आता था, लेकिन गुरुवार को पुलिस ने छापा मारा। हमने उसी शाम अपने भाई से संपर्क किया, लेकिन उसका फोन बंद था। फिर पता चला कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसने आलमदार पब्लिक स्कूल से दसवीं और फिर पुलवामा कॉलेज से दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई पूरी की।"
असमत शकील ने बताया, "वो कोचिंग के लिए श्रीनगर आया और जम्मू के बत्रा अस्पताल में उसका सिलेक्शन हो गया। एमबीबीएस करने के बाद, उसे सौरा एसकेआईएमएस में हाउस जॉब मिल गई, जिसके बाद वो फरीदाबाद आ गया। मुझे यकीन नहीं हो रहा कि मेरा भाई ऐसा कर सकता है। हम भारत समर्थक हैं। हमने डॉक्टर उमर को कभी नहीं देखा। हमें इस घटना का दुख है; वो भी एक इंसान थे। अगर मेरा भाई भी आरोपी है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए।"
डॉक्टर मुजम्मिल गनई के परिजनों ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि डॉक्टर मुजम्मिल आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं। मुजम्मिल के भाई आजाद शकील ने पीटीआई को बताया, "‘‘यह आरोप लगाया जा रहा है कि वह बड़ा आतंकवादी है। हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है। पिछले पांच दशकों से हमारे परिवार के किसी भी सदस्य के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। हम पूरी तरह से भारतीय हैं और हमने भारत के लिए पत्थर झेले हैं। आप गांव में किसी से भी इसकी पुष्टि कर सकते हैं।"
आजाद शकील ने कहा कि उनका परिवार खेती करता है और राष्ट्रवादी होने की वजह से उनके परिवार को पथराव करने वालों ने निशाना बनाया था। (इनपुट: भाषा से भी)
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