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संसद शीतकालीन सत्र: TMC नेता डेरेक ओ ब्रायन को सस्पेंड किया गया, सेक्रेटेरी जनरल पर फेंकी थी रूल बुक

तृणमूल कांग्रेस के सदस्य डेरेक ओब्रायन को राज्यसभा में मंगलवार को सदन की नियमावली पुस्तिका आसन की ओर उछालने के कारण सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

Reported by: Anand Prakash Pandey @anandprakash7
Published : Dec 21, 2021 06:28 pm IST, Updated : Dec 21, 2021 08:24 pm IST
ससंद शीतकालीन सत्र: TMC नेता डेरेक ओ ब्रायन को सस्पेंड किया गया, सेक्रेटेरी जनरल पर फेंकी थी रूल बुक- India TV Hindi
Image Source : ANI ससंद शीतकालीन सत्र: TMC नेता डेरेक ओ ब्रायन को सस्पेंड किया गया, सेक्रेटेरी जनरल पर फेंकी थी रूल बुक

Highlights

  • TMC के राज्‍यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन भी किए गए सस्पेंड
  • निर्वाचन अधिनियम (संशोधन) विधेयक 2021 पर चर्चा के दौरान चेयर की ओर राज्यसभा नियमावली फेंकी थी
  • निलंबन के बाद डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट करके कहा- BJP लोकतंत्र का मजाक बना रही है

Derek O'Brien suspended: तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता डेरेक ओ ब्रायन को सेक्रेटरी जनरल पर रूल बुक फेंकने के मामले में मंगलवार को सस्पेंड कर दिया गया। डेरेक ओ ब्रायन को मौजूदा सत्र के बचे दिनों के लिए सस्पेंड किया गया है। बता दें कि, राज्यसभा में मतदाता पहचान पत्र के आधार कार्ड से जोड़ने से संबंधित नर्विाचन विधि (संशोधन) विधयेक 2021 पारित कराने के दौरान कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने जमकर हंगामा किया।

राज्यसभा (Rajyasabha) में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन के रूल बुक फेंकने पर भूपेन्द्र यादव और पीयूष गोयल ने सदन में कड़ा एतराज जताया है। भूपेंद्र यादव ने राज्यसभा में विपक्ष के व्यवहार की आलोचना करते हिए कहा कि सेक्रेटरी जनरल पर रूल बुक फेंकना अपने आप में आपत्तिजनक अभिव्यक्ति है। सदन में किसी भी सदस्य को, खासकर कोई दल का नेता हो तो ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। डेरेक के व्यवहार पर क्षोभ व्यक्त करते हुए सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह केवल टेबल ऑफिस का ही नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान है। 

निलंबन के बाद डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट करके लिखा- आखिरी बार मुझे जब राज्यसभा से कृषि कानूनों को सरकार द्वारा जबरदस्ती पारित कराए जाने के दौरान निलंबित किया गया था, हम सभी जानते हैं कि उसके बाद क्या हुआ था। आज मुझे फिर सस्पेंड किया गया है, BJP लोकतंत्र का मजाक बना रही है और चुनाव सुधार कानून को जबरन पारित करवा रही है, उम्मीद है कि ये बिल भी सरकार को जल्द वापस लेना पड़ेगा।

बता दें कि, राज्यसभा ने मंगलवार को विपक्षी सदस्यों के वाकआउट के बीच निर्वाचन कानून (संशोधन) विधेयक 2021 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। विपक्षी सदस्य विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने की मांग कर रहे थे। मतदाता सूची में दोहराव और फर्जी मतदान रोकने के लिए मतदाता पहचान पत्र और सूची को आधार कार्ड से जोड़ने का प्रस्ताव करने वाले इस विधेयक को राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों के भारी विरोध के बीच हुई संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। लोकसभा इसे कल पारित कर चुकी है।

उच्च सदन में पीठासीन अध्यक्ष डॉ सस्मित पात्रा ने आज सदन में निर्वाचन कानून (संशोधन) विधेयक 2021 को पारित किए जाने के दौरान तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन द्वारा नियमावली पुस्तिका आसन की ओर उछाले जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा ‘‘डेरेक ओब्रायन ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया था जिस पर उप सभापति ने व्यवस्था दी थी। इसे बाद डेरेक ओब्रायन ने राज्यसभा की नियमावली की पुस्तिका उछाल दी। उन्होंने कहा कि स्पष्ट रूप से पुस्तिका आसन की ओर उछाली गई थी जो आसन को, महासचिव को या किसी को भी लग सकती थी।’’ 

पात्रा ने कहा ‘‘इस तरह नियमावली पुस्तिका को अधिकारियों की मेज की ओर उछाला जाना संसदीय परंपराओं का घोर उल्लंघन है और सदन इसकी भर्त्सना करता है। डेरेक ओब्रायन सदन में अपनी पार्टी के नेता हैं और उन्हें सदन की गरिमा बनाए रखना चाहिए जबकि उन्होंने सदन की गरिमा पर आघात किया और उनका यह कृत्य घोर निदंनीय है।’’ इसके बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने डेरेक ओब्रायन को वर्तमान शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। इसके बाद सदन की बैठक कल बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। 

उच्च सदन में ‘निर्वाचन विधि (संशोधन) विधेयक, 2021’ पर चर्चा के बाद जब इसे पारित करने की प्रक्रिया चल रही थी तब विपक्ष के कुछ सदस्यों ने अपने अपने संशोधनों पर मत विभाजन की मांग की। इस दौरान कुछ विपक्षी सदस्य लखीमपुर खीरी मामले को लेकर गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के इस्तीफे तथा 12 सदस्यों का निलंबन वापस लिए जाने की मांग करते हुए आसन के समक्ष हंगामा कर रहे थे। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, सुखेंदु शेखर राय, माकपा के जॉन ब्रिटस ने नियमों का हवाला देते हुए व्यवस्था का प्रश्न उठाया।

उप सभापति हरिवंश ने कहा कि वह बार बार कह रहे हैं कि वह मत विभाजन के लिए तैयार हैं लेकिन इसके लिए आसन के समक्ष आए सदस्यों को अपने स्थानों पर जाना होगा। आसन की व्यवस्था पर असंतोष जताते हुए डेरेक ओ ब्रायन ने राज्यसभा की नियमावली पुस्तिका महासचिव की ओर उछाली और फिर तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सदन से वाकआउट कर गए। इसके बाद सदन के नेता गोयल ने डेरेक ओ ब्रायन के आचरण पर क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि एक प्रमुख दल के नेता का यह आचरण उचित नहीं है और यह केवल टेबल ऑफिस का ही नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस आचरण की निंदा पूरा देश करेगा। उन्होंने कहा ‘‘पिछले सत्र में सबने देखा कि विपक्षी दलों के सदस्यों ने कैसा आचरण किया। इस बार लगा कि सब ठीक होगा। लेकिन अभी अभी एक प्रमुख दल के नेता ने जो आचरण किया, वह कतई उचित नहीं है। सदन में सदस्यों के साथ साथ महासचिव, उनके स्टाफ के सदस्य, मार्शल आदि सभी लोगों का परंपराओं को बनाए रखने में योगदान होता है।’’

गोयल ने कहा ‘‘तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने जिस तरह नियमावली पुस्तिका महासचिव की ओर फेंकी, वह केवल टेबल ऑफिस का ही नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान है, लोकतंत्र का अपमान है। इसकी पूरे देश में निंदा की जाएगी। वह एक प्रदेश में तो यह सब चला ही रहे हैं लेकिन यह कौन सी विरासत अगली पीढ़ी को दी जा रही है। यह अत्यंत चिंताजनक है।’’

इससे पहले, केंद्रीय श्रम रोजगार एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि नियमावली पुस्तिका महासचिव की ओर फेंकना एक अपराध है। उन्होंने कहा कि सदस्यों ने जिन नियमों के तहत व्यवस्था का प्रश्न उठाया उनमें स्पष्ट कहा गया है कि जब सभापति बोलते हैं तो सदस्यों को सुनना चाहिए, व्यवस्था का प्रश्न उठाने पर अपने विषय पर ही केंद्रित रहना चाहिए और आसन की व्यवस्था सभी के लिए मान्य तथा सम्मानजनक होती है। उन्होंने कहा ‘‘हमें भी चाहिए कि हम बोलते समय भी उचित आचरण का पालन करें। हम लोकतंत्र को बंधक बना कर नहीं रख सकते। हम सभी को संसदीय व्यवस्था का, संसदीय परंपराओं का पालन करना होगा।’’ गौरतलब है कि अनुशासनहीनता के आरोप में पहले ही विपक्ष के 12 राज्यसभा सांसद शीतकालीन सत्र से निलंबित चल रहे हैं। 

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