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अयोध्या में 'राम मंदिर आंदोलन' के जवाब में 'मस्जिद आंदोलन', SDPI का आज दिल्ली में रैली

Edited by: IndiaTV Hindi Desk Published : Dec 06, 2018 07:53 am IST, Updated : Dec 06, 2018 07:53 am IST

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी ने कहा, कि हमने कभी बाबरी मस्जिद पर दावा नहीं छोड़ा, हम दोबारा बाबरी मस्जिद बनाएंगे। हमारी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।

अयोध्या में 'राम मंदिर आंदोलन' के जवाब में 'मस्जिद आंदोलन', SDPI का आज दिल्ली में रैली- India TV Hindi
अयोध्या में 'राम मंदिर आंदोलन' के जवाब में 'मस्जिद आंदोलन', SDPI का आज दिल्ली में रैली

नई दिल्ली: एसडीपीआई यानी सोशल डेमोक्रैटिक पार्टी ऑफ इंडिया 6 दिसंबर यानी आज दिल्ली में बाबरी मस्जिद के हक में रैली करने जा रही है जो मंडी हाउस से संसद तक जाएगी, एसडीपीआई का दावा है कि इसमें सभी धर्मों के लोग शामिल होंगे। एसडीपीआई के नेता तस्लीम रहमानी ने कहा कि नेताओं की बयानवाजी और साधु संतों की भीड़ देखकर ये नहीं समझना चाहिए कि बाबरी मस्जिद का दावा खत्म हो गया है। अगर वीएचपी अयोध्या में पांच लाख लोगों की भीड़ जुटा सकती है तो एसडीपीआई भी अयोध्या में 25 लाख लोगों की भीड़ जुटा सकती है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी ने कहा, कि हमने कभी बाबरी मस्जिद पर दावा नहीं छोड़ा, हम दोबारा बाबरी मस्जिद बनाएंगे। हमारी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। एसडीपीआई के नेशनल सेक्रेटरी तस्लीम रहमानी ने पीएम मोदी पर नशाना साधते हुए कहा कि पीएम राजधर्म का पालन नहीं कर रहे हैं, वो आरएसएस के प्रचारक की तरह बयान दे रहे हैं। 

रहमानी यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद पर हमारा दावा हमेशा रहेगा, क्योंकि पूर्व पीएम नरसिम्हा राव ने बाबरी मस्जिद को बनाने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि वो 25 लाख लोग अयोध्या में इकट्ठा कर सकते हैं, लेकिन कानून इसकी इजाजत नहीं देता। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसडीपीआई के जनरल सेक्रेटरी अब्दुल मजीद ने मांग की कि अयोध्या में रखी गई मूर्तियों को तब तक हटाया जाए, जब तक ये मामला अदालत में चल रहा है।

बता दें कि, एसडीपीआई दक्षिण भारत में लगातार चुनाव लड़ती रही है। केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु चुनाव में पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतारे थे। इस पार्टी को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की राजनैतिक इकाई माना जाता है। पीएफआई को झारखंड सरकार ने बैन किया था, बाद में अदालत ने बैन हटा दिया था।

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