1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. जब उपभोक्ता नहीं तो, व्यापारी GST से क्यों परेशान हैं: अरुण जेटली

जब उपभोक्ता नहीं तो, व्यापारी GST से क्यों परेशान हैं: अरुण जेटली

 Written By: Bhasha
 Published : Jul 01, 2017 11:20 pm IST,  Updated : Jul 01, 2017 11:21 pm IST

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज आश्चर्य जताया कि जीएसटी दरों को लेकर महज कुछ व्यापारी ही शोर क्यों मचा रहे हैं जबकि कराधान का बोझ अंतत: तो उपभोक्ताओं पर पड़ता है। जेटली ने कहा कि माल एवं सेवा कर के बारे में उपभोक्ता शिकायत नहीं कर रहे हैं क्योंकि सरकार

arun jaitley- India TV Hindi
arun jaitley

नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज आश्चर्य जताया कि जीएसटी दरों को लेकर महज कुछ व्यापारी ही शोर क्यों मचा रहे हैं जबकि कराधान का बोझ अंतत: तो उपभोक्ताओं पर पड़ता है। जेटली ने कहा कि माल एवं सेवा कर के बारे में उपभोक्ता शिकायत नहीं कर रहे हैं क्योंकि सरकार ने जीएसटी दरें तर्कसंगत स्तरों पर रखी हैं।

उन्होंने कहा, पूरे देश में कहीं भी कोई उपभोक्ता शिकायत नहीं कर रहा है क्योंकि हमने करों की श्रेणियां तार्किक बनाने का प्रयास किया है। तो क्यों एक या दो व्यापारी शिकायत कर रहे हैं व्यापारियों को कर नहीं भरना पड़ता, कर उपभोक्ता देता है।

वित्तमंत्री ने कहा कि कोई यह दावा नहीं कर सकता कि कर नहीं चुकाना उसका मौलिक अधिकार है। हमारे समाज की सोच बन गयी थी कि कर न चुकाना कोई गलत बात नहीं है। इस मानसिकता को बदलने और नयी सोच पैदा करने की जरुरत है। भारत को यदि विकासशील देश से विकसित देश बनना है तो लोगों की सोच और प्रवृति विकसित अर्थव्यवस्थाओं की भांति होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी आर्थिक सुधार के लिए जरुरी है कि सरकार की दिशा सही हो। किसी भी अधकचरे प्रयास से सुधार नहीं होते, सरकार हिचक गयी तो वह सुधार लाने में कभी सफल नहीं होती है।

उन्होंने कुछ आलोचकों की इस बात को खारिज किया कि जीएसटी में केवल एक दर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में 12 और 18% की दरें किसी एक मिल सकती हैं लेकिन आज यदि हम केवल एक दर 15 % की रखते तो गरीबों के इस्तेमाल की चीजें, जिनपर कर की दर शून्य रखी गयी है, महंगी हो जाएंगी। वित्त मंत्री ने कहा कि कराधान की नीति न्यायपूर्ण होनी चाहिए।

जीएसटी आज से प्रभावी हो गया है। उसमें कर की दरें 5, 12,18 और 28% रखी गयी हैं और कुछ आवश्यक वस्तुओं पर कर की दर शून्य है। जेटली ने कहा कि यह राष्ट्र का सामूहिक फैसला है और इसे रह राज्य सरकार का समर्थन प्राप्त है।

उन्होंने कहा, चिंता की कोई बात नहीं है , कुछ लोग चिंतित हैं, इसलिए वे इससे दूरी बनाकर चल रहे हैं। यह राष्ट्र का सामूहिक फैसला है और मेरा विश्वास है कि यह निश्चित रुप से देश के लिए लाभदायक होगा। जब भी कभी बदलाव होता है तो तकनीकी आधारित परेशानियां तो आती ही हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत