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ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री, बोले- क्या आरक्षण की सीमा सीमित कर दी गई है

 Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Jun 22, 2024 04:29 pm IST,  Updated : Jun 22, 2024 04:29 pm IST

ओबीसी समाज के लोगों ने आज केज-लातूर और अहमदनगर-अहमदपुर हाईवे पर विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में अब असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री हो चुकी है। ओवैसी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर इस बाबत अपना बयान दिया है।

Asaduddin Owaisi entry on the issue of OBC reservation said has the limit of reservation been limite- India TV Hindi
असदुद्दीन ओवैसी Image Source : PTI

महाराष्ट्र के बीड जिले के केज-लातूर और अहमदनगर-अहमदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर ओबीसी समाज के लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान भीड़ ने सड़क पर ही टायर जलाकर अपने विरोध व्यक्त किया। दरअसल विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग ओबीसी समाज से आते हैं जो ओबीसी कोटे से मराठा आरक्षण देने के खिलाफ हैं। इस मामले को लेकर अब हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपना बयान दिया है। ओवैसी ने ओबीसी आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

असदुद्दीन ओवैसी ने दिया बयान

हैदराबाद के सांसद ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "चुनाव के दौरान मोदी कहते थे कि OBC, SC, ST समाज के आरक्षण को मुसलमानों से ख़तरा है। OBC और मराठा समाज के बीच, आरक्षण को लेकर आज तनाव बन चुका है क्योंकि आरक्षण की सीमा 50% तक सीमित कर दी गई है। भारत के अल्पसंख्यक, पिछड़ों, अतिपिछड़ों को सूखी रोटी के लिए लड़ाया जा रहा है और मलाई कोई और खा रहा है। आने वाले पार्लिमानी सेशन में 400-पार सरकार को संशोधन ला कर 50% सीमा को ख़त्म करना चाहिए।"

ओबीसी वर्ग की क्या है मांग?

दरअसल बिहार में सरकारी नौकरियों और सरकारी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की सीमा को बढ़ाकर 50 फीसदी से 65 फीसदी करने का फैसला किया गया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के इस फैसले को रद्द कर दिया था। इसी कड़ी में अब मराठा और ओबीसी आरक्षण का मुद्दा गरमाया हुआ है। दरअसल ओबीसी समाज के लोग यहां मनोज जरांगे पाटिल की मसौदा अधिसूचना को अमल में लाने की मांग का विरोध कर रहे हैं। बता दें कि बीते दिनों भूख हड़ताल पर बैठे ओबीसी वर्ग के कार्यकर्ता लक्ष्मण हेके और मराठा आंदोलन के कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल के बीच विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर नोकझोंक देखने को मिली थी। 

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