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कांग्रेस की मीटिंग में गाया गया बांग्लादेश का राष्ट्रगान, बवाल मचने के बाद पार्टी ने दी सफाई

 Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Oct 29, 2025 06:08 pm IST,  Updated : Oct 29, 2025 06:08 pm IST

असम के श्रीभूमि में कांग्रेस की बैठक में बांग्लादेश का राष्ट्रगान ‘आमार शोनार बांग्ला’ गाए जाने पर विवाद छिड़ गया। बीजेपी ने इसे देशद्रोह बताया, जबकि कांग्रेस ने सफाई दी कि यह रवींद्रनाथ टैगोर की रचना है, बांग्ला संस्कृति के सम्मान में गाया गया था, न कि राजनीतिक मकसद से।

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असम में कांग्रेस की एक बैठक में ‘आमार शोनार बांग्ला’ गाया गया था। Image Source : X.COM/THEASHOKSINGHAL

सिलचर (असम): असम के श्रीभूमि जिले में कांग्रेस की एक मीटिंग में बांग्लादेश का राष्ट्रगान ‘आमार शोनार बांग्ला’ गाने का मामला गरमा गया है। बीजेपी ने इसे ‘देशद्रोह’ करार देते हुए जांच की मांग की है, जबकि कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक साजिश’ बताया है। बता दें कि यह विवाद तब और भड़का है जब बांग्लादेश ने हाल ही में एक किताब के कवर पर पूर्वोत्तर भारत के बड़े हिस्से को अपने नक्शे में दिखाया। ऐसे में बीजेपी ने कांग्रेस के कार्यक्रम में बांग्लादेश का राष्ट्रगान गाए जाने को लेकर बड़ा हमला बोल दिया है।

क्या हुआ था कांग्रेस की मीटिंग में?

सोमवार को श्रीभूमि जिले के भंगा इलाके के रहने वाले बिधु भूषण दास ने कांग्रेस के सेवादल की जिला कार्यकारिणी बैठक में भाषण शुरू करने से पहले ‘आमार शोनार बांग्ला’ गाया। यह बैठक इंदिरा भवन (स्थानीय कांग्रेस दफ्तर) में हो रही थी। दास सेवादल के जिला इकाई के पूर्व चेयरपर्सन हैं। गाने के बाद बीजेपी नेताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘बांग्लादेश-परस्त’ है और राष्ट्रीय गौरव को ठेस पहुंचा रही है। बीजेपी ने कहा कि अगर लोगों को इसके बाद भी कांग्रेस का एजेंडा नहीं दिख रहा है तो वह या तो अंधा है, या कांग्रेस का सहयोगी है या फिर दोनों ही है।

बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

असम बीजेपी ने X पर लिखा, 'संकेत इससे ज्यादा साफ नहीं हो सकते। कुछ दिन पहले बांग्लादेश ने पूरी पूर्वोत्तर को निगलने वाला नक्शा छापा, और अब बांग्लादेश-मोहग्रस्त कांग्रेस असम में बांग्लादेश का राष्ट्रगान गा रही है। अगर इसके बाद भी कोई एजेंडा नहीं देख रहा, तो वह या तो अंधा है, या सहयोगी, या दोनों।' असम के मंत्री अशोक सिंघल ने भी एक्स पर लिखा, 'बांग्लादेश का राष्ट्रगान ‘आमार शोनार बांग्ला’ असम के श्रीभूमि में कांग्रेस की मीटिंग में गाया गया, वही देश जो पूर्वोत्तर को भारत से अलग करना चाहता है!' सिंघल ने आगे कहा, 'अब साफ है कि कांग्रेस ने दशकों तक अवैध मियां घुसपैठ को क्यों बढ़ावा दिया। वोट-बैंक की राजनीति के लिए असम की जनसंख्या बदलने और ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ बनाने के लिए।' 

BJP के बयान पर कांग्रेस का पलटवार

वहीं, कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताते हुए खारिज कर दिया। पार्टी का कहना है कि मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। जिला मीडिया सेल के प्रमुख शहादत अहमद चौधरी ने सफाई देते हुए कहा, 'दास ने पहले ही ऐलान किया था कि वह रवींद्रसंगीत गाएंगे। आमार शोनार बांग्ला सबसे पहले रवींद्रनाथ टैगोर की रचना है। दास हर स्वतंत्रता दिवस पर इंदिरा भवन में तिरंगा फहराते हैं। इसे बांग्लादेश का राष्ट्रगान मानने का कोई सवाल ही नहीं। यह सिर्फ मातृभाषा के प्रति प्यार था।' समाजवादी पार्टी के नेता वीरेंद्र सिंह ने भी कांग्रेस का बचाव करते हुए कहा कि बीजेपी लगातार बंगाली बोलने वालों को घुसपैठिया बता रही है।'

क्या है बांग्लादेश के राष्ट्रगान का इतिहास?

‘आमार शोनार बांग्ला’ यानी कि 'मेरा सोने का बंगाल' गीत रवींद्रनाथ टैगोर ने 1905 में लिखा था। यह उस समय का विरोध गीत था जब ब्रिटिश हुकूमत ने बंगाल का पहला विभाजन किया। गीत में बंगाल की नदियों, खेत-खलिहान और बंगालियों की मिट्टी से मोहब्बत का जिक्र है। यह गीत बंगाल के एकीकरण का प्रतीक बना और विभाजन 1911 में रद्द हो गया। टैगोर द्वारा इस गीत को रचे जाने के लगभग 70 साल बाद 1971 में बांग्लादेश ने इसे अपना राष्ट्रगान बनाया। बंगाली भाषी बहुल श्रीभूमि जिले (पहले करीमगंज) में कांग्रेस की मीटिंग में यही गीत गाया गया।

आखिर गाने पर क्यों हो रहा है विवाद?

बता दें कि भारत-बांग्लादेश रिश्ते पिछले कुछ महीनों से तनावपूर्ण हैं। पिछले साल बांग्लादेश में आंदोलन के बाद शेख हसीना दिल्ली भाग आईं। तब से अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और घुसपैठ की खबरें बढ़ी हैं। इस बीच ढाका-इस्लामाबाद की नजदीकी ने भारत को चिंता में डाल दिया है। पिछले हफ्ते बांग्लादेश के अंतरिम सरकार प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने पाकिस्तान के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी के चेयरमैन जनरल साहिर शमशाद मिर्जा से मुलाकात की। यूनुस ने मिर्जा को किताब ‘आर्ट ऑफ ट्रायम्फ: बांग्लादेश का नया सवेरा’ भेंट की। किताब के कवर पर बांग्लादेश के नक्शे में असम, अरुणाचल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और त्रिपुरा को शामिल दिखाया गया। सोशल मीडिया पर इसे ‘तनाव भड़काने की कोशिश’ बताया गया है।

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