1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. 'अगर आप मेरी बात माने होते तो वहां नहीं बैठते', पीठासीन जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी से क्यों ऐसा कहा?

'अगर आप मेरी बात माने होते तो वहां नहीं बैठते', पीठासीन जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी से क्यों ऐसा कहा?

 Reported By: Vijai Laxmi Edited By: Niraj Kumar
 Published : Feb 11, 2026 02:32 pm IST,  Updated : Feb 11, 2026 02:47 pm IST

लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी को चेयर की ओर से ऐसा जवाब मिला कि वे भी कुछ देर के लिए खामोश हो गए। हालांकि उन्होंने अपनी बात सदन में रखी केंद्र सरकार निशाना भी साधा लेकिन मूल विषय से वे एक बार फिर भटक गए।

Jagdambika pal and Rahul Gandhi- India TV Hindi
जगदंबिका पाल और राहुल गांधी Image Source : PTI

नई दिल्ली: लोकसभा में आज बजट पर हुई चर्चा के दौरान सदन में दिलचस्प दृश्य देखने को मिला। राहुल गांधी एक बार फिर विषय से अलग हटकर बोलने लगे। लेकिन पीठासीन स्पीकर जगदंबिका पाल ने बार-बार उन्हें सदन के नियमों का हवाला देकर समझाने की कोशिश की। इसी बीच राहुल गांधी ने कहा कि आप भी एक समय हमारी पार्टी में हुआ करते थे। इस पर जगदंबिका पाल ने कहा कि अगर आप हमारी बात माने होते तो वहां (विपक्ष) नहीं बैठे होते। 

Related Stories

आपने मेरी सलाह नहीं मानी

बजट पर चर्चा के दौरान जब जगदंबिका पाल राहुल गांधी से विषय पर बोलने और नियमों का हवाल दे रहे थे, तब राहुल गांधी ने कहा- आप (जगदंबिका पाल), कांग्रेस के पुराने सदस्य हैं, इसलिए मैं आज एक खास एहसान करूंगा, मैं पीछे हट जाऊंगा। आप जानते हैं कि हमें आपसे प्यार है। हम जानते हैं कि आपका दिल वहां नहीं है, आपका दिल यहां है।" जगदंबिका पाल ने कहा, "मैं यहां एक पीठासीन अधिकारी के तौर पर हूं। अगर आप वहां बैठे हैं, तो इसका मतलब है कि आपने मेरी सलाह नहीं मानी। मेरी सलाह माने होते तो आप वहीं नहीं बैठे होते।"

हम युद्ध के दौर की ओर बढ़ रहे

इससे पहले राहुल गांधी ने कहा हम स्टेबिलिटी से इनस्टेबिलिटी की ओर बढ़ रहे हैं, हम युद्ध के दौर की ओर बढ़ रहे हैं। हम इनस्टेबिलिटी की दुनिया में जा रहे हैं। डॉलर को चैलेंज किया जा रहा है, US के दबदबे को चैलेंज किया जा रहा है। यही आपने अपने इकोनॉमिक सर्वे में कहा था और मैं इससे सहमत हूं। इसके सेंटर में AI है। इन्फोसिस जैसी और IT से चलने वाली कंपनियों को चैलेंज किया जाएगा। हमारे बहुत से इंजीनियर AI से रिप्लेस हो जाएगे। जब आप एक खतरनाक ट्रेंड की ओर बढ़ रहे हैं तो आप अपनी ताकत पर फोकस करें। आपकी ताकत 1.4 बिलियन डायनामिक लोग हैं। यह सिर्फ लोग नहीं हैं, यह डेटा के बारे में है। हमारे पास सबसे बड़ा डेटा पूल है। डेटा ही वेल्थ है। AI के लिए पेट्रोल डेटा है। मतलब आपके पास AI है और आपके पास डेटा नहीं है, तो आपके पास कुछ नहीं है।

भारत अमेरिका ट्रेड डील पर उठाया सवाल 

राहुल गांधी ने भारत अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल उठाया और कहा, "अगर INDIA अलायंस प्रेसिडेंट ट्रंप के साथ बातचीत कर रहा होता। मैं आपको बताता हूं कि हम क्या कहते। सबसे पहले हम प्रेसिडेंट ट्रंप से कहते, इस इक्वेशन में सबसे ज़रूरी चीज़ इंडियन डेटा है। आप अपना डॉलर बचाना चाहते हैं? हम आपके दोस्त हैं। हम आपकी तारीफ़ करते हैं। हम आपके डॉलर को बचाने में आपकी मदद करना चाहते हैं। लेकिन प्लीज़ याद रखें कि अगर आप अपना डॉलर बचाना चाहते हैं, तो सबसे बड़ी एसेट जो आपके डॉलर को बचा सकती है, वह इंडियन लोगों के पास है।"

हम पाकिस्तान के बराबर नहीं बनेंगे

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा, "हम पाकिस्तान के बराबर नहीं बनेंगे। अगर राष्ट्रपति ट्रंप ने तय किया कि पाकिस्तान आर्मी चीफ उनके साथ ब्रेकफास्ट करेंगे, तो हमें इस बारे में कुछ कहना होगा। अब क्या हुआ? आपने एक ट्रेड डील की है। जो चीज़ 21वीं सदी में इंडिया को बदलने वाली है, जो चीज़ हमें 21वीं सदी में सुपरपावर बनाने वाली है, मोदी सरकार ने हमारे डेटा के साथ यही किया है। हम अपने डिजिटल ट्रेड रूल्स पर कंट्रोल छोड़ देते हैं। नंबर दो, डेटा लोकलाइज़ेशन की कोई ज़रूरत नहीं है। नंबर तीन, यूनाइटेड स्टेट्स में फ्री डेटा फ्लो। नंबर चार, डिजिटल टैक्स पर लिमिट। नंबर पांच, किसी भी सोर्स कोड को बताने की ज़रूरत नहीं है। फाइनेंस मिनिस्टर मुस्कुरा रही हैं। उन्हें मुस्कुराना बहुत पसंद है। जो कोई भी चाहे, बड़ी टैक्स कंपनी को 20 साल की फ्री टैक्स हॉलिडे। आपने डेटा पर यही किया है।"

आपने भारत को बेच दिया है: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "मैं कह रहा हूं कि आपने भारत को बेच दिया है। क्या आपको भारत बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी मां, भारत माता को बेच दिया है। मज़ेदार बात यह है कि मुझे पता है कि आम हालात में प्रधानमंत्री भारत को नहीं बेचते। आपको पता है उन्होंने भारत क्यों बेचा? क्योंकि वे उनका गला घोंट रहे हैं। उन्होंने उनकी गर्दन पकड़ रखी है। हम प्रधानमंत्री की आंखों में डर देख सकते हैं। दो बातें हैं- पहली, एपस्टीन। 3 मिलियन फाइलें अभी भी बंद हैं।" इस पर चेयर ने उन्हें रोका।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत