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जाति को हर मुद्दे घसीटना सही नहीं, क्या मैं कहूं कि दलित होने की वजह से मुझे संसद में बोलने नहीं दिया जाता-खरगे

Edited By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1 Published : Dec 20, 2023 01:46 pm IST, Updated : Dec 20, 2023 01:46 pm IST

मिमिक्री के मद्दे पर राज्यसभा के चेयरमैन जगदीप धनखड़ का बयान सामने आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हर मुद्दे में जाति को घसीटना सही नहीं है।

Mallikarjun Kharge, congress- India TV Hindi
Image Source : PTI मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस अध्यक्ष

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जाति को हर मुद्दे में नहीं घसीटा जाना चाहिए। न्होंने साथ ही यह सवाल भी किया कि क्या उन्हें हर बार राज्यसभा में बोलने की अनुमति नहीं मिलने पर यह कहना चाहिए कि दलित होने के कारण ऐसा हुआ है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने संसद परिसर में उनकी, तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद द्वारा नकल उतारे जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए उच्च सदन में कहा कि संसद परिसर में उनकी नकल उतारकर किसान समाज और उनकी जाति (जाट) का अपमान किया गया है। 

मुझे अक्सर राज्यसभा में बोलने की अनुमति नहीं दी जाती

खरगे ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सभापति का काम दूसरे सदस्यों को संरक्षण देना है लेकिन वह खुद इस तरह का बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अक्सर राज्यसभा में बोलने की अनुमति नहीं दी जाती है। क्या मुझे यह कहना चाहिए कि मैं दलित हूं। इसलिए उन्हें जाति के नाम पर बोल कर लोगों को नहीं भड़काना चाहिए।’’ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह देश के लिए बहुत दुखद दिन है जब संवैधानिक पदों पर बैठे लोग अपनी जातियों के बारे में बात करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह मुद्दा उठाकर संसद की सुरक्षा में सेंध के मुद्दे से अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पूछा कि क्या अब हर किसी को अपनी जाति बताने वाला ठप्पा लगा कर घूमना चाहिए? 

क्या प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को माफी नहीं मांगनी चाहिए?

खरगे ने सवाल किया कि संसद की सुरक्षा में सेंध के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों सदनों में कुछ भी नहीं कहा लेकिन संसद के बाहर उन्होंने अपनी बात रखी तो क्या प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को माफी नहीं मांगनी चाहिए। संसद की सुरक्षा में सेंध की घटना पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर हंगामा करने पर दोनों सदनों से 90 से अधिक विपक्षी सदस्यों को निलंबित किए जाने के विरोध में विपक्ष के सांसदों ने कल मंगलवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सदन की ‘मॉक कार्यवाही’ का आयोजन किया था।

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने की थी मिमिक्री

 निलंबित सांसदों ने संसद के नए भवन के मकर द्वार पर धरना दिया। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी ने राज्यसभा के सभापति और लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा, सदनों की कार्यवाही का संचालन किए जाने की नकल उतारी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, बनर्जी द्वारा कार्यवाही के संचालन की नकल उतारे जाने का मोबाइल फोन से वीडियो बनाते देखे गए। राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष की नकल उतारे जाने की घटना पर मंगलवार को गहरी आपत्ति जताते हुए इसे अस्वीकार्य करार दिया था। सदन में तख्तियां लहराने और नारे लगाने के आरोप में पिछले कुछ दिनों के भीतर 141 सांसदों को लोकसभा और राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया है। सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में मंगलवार को 49 लोकसभा सदस्यों को निलंबित कर दिया गया। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसद 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में चूक की घटना को लेकर दोनों सदनों में गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग कर रहे हैं। (इनपुट-भाषा)

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