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चुनाव Flashback:...जब TMC के समर्थन से BJP ने फतह किया पश्चिम बंगाल का पहला किला, जानें 1998 चुनाव से जुड़ी रोचक बातें

 Edited By: Amar Deep
 Published : Apr 29, 2024 08:22 pm IST,  Updated : Apr 29, 2024 08:22 pm IST

पश्चिम बंगाल में आज टीएमसी और बीजेपी के बीच मुकाबला देखा जा रहा है, लेकिन एक समय था जब टीएमसी के सहयोग से बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में पहली बार जीत दर्ज की थी।

जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी को मिली पहली जीत।- India TV Hindi
जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी को मिली पहली जीत। Image Source : INDIA TV

चुनाव Flashback: देश भर में लोकसभा चुनाव चल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी इस बार 400 पार का नारा दे रही है। पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच कड़ी लड़ाई देखने को मिल रही है। लेकिन एक समय था जब भारतीय जनता पार्टी ने टीएमसी के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल में अपनी पहली जीत दर्ज की थी। दरअसल, अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के युग के दौरान पश्चिम बंगाल में पैठ बनाई और 12वीं लोकसभा के लिए 1998 के आम चुनावों में अपनी पहली लोकसभा सीट जीती थी।

बीजेपी ने सीपीआई (एम) को दी मात

बता दें कि 1998 में पार्टी ने तपन सिकदर को दम दम लोकसभा सीट से मैदान में उतारा, जिन्होंने सीपीआई (एम) के उम्मीदवार निर्मल कांति चटर्जी को 1,37,405 वोटों के अंतर से हराया। तपन सिकदर ने कुल 50.70 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया, जबकि निर्मल कांति चटर्जी को 39.70 प्रतिशत वोट मिले। इस चुनाव का दिलचस्प हिस्सा यह था कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ गठबंधन करके 12वीं लोकसभा का चुनाव लड़ा था। 1 जनवरी, 1998 को ममता बनर्जी द्वारा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) से अलग हुए गुट के रूप में पार्टी की स्थापना के बाद यह टीएमसी का पहला लोकसभा चुनाव था।

1999 के बाद दोबारा नहीं मिली जीत

बीजेपी ने 1998 के बाद 1999 के लोकसभा चुनाव में भी दमदम सीट जीती थी। हालांकि, 1999 के बाद भगवा खेमा दोबारा इस सीट पर दावा करने में नाकाम रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद, तपन सिकदर ने विदेश मामलों और इसकी उप-समिति-III, वित्त सहित विभिन्न समितियों के सदस्य और 1998-99 में जल संसाधन मंत्रालय में सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में कार्य किया। जब वे 1999 में दम दम से दोबारा चुने गए, तो तपन को संचार राज्य मंत्री (MoS) का प्रभार दिया गया। 

तपन सिकदर को मिला मंत्रालय

जनवरी-जून 2022 के बीच, तपन केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री थे। वहीं जुलाई 2002 में कैबिनेट फेरबदल के बाद, तपन सिकदर को 2004 तक रसायन और उर्वरक मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया। 2004 में तपन सिकदर सीपीआई (एम) के नेता अमिताव नंदी से 98,252 वोटों के अंतर से सीट हार गए। वहीं 2019 में अमिताव नंदी टीएमसी के सौगत रॉय से 20,478 वोटों के अंतर से सीट हार गए। 2009 से सौगत रॉय द्वारा 2014 और 2019 सहित अगले दो लोकसभा चुनावों में इस सीट को बरकरार रखने के बाद दम दम ममता की पार्टी का गढ़ बना हुआ है।

दमदम लोकसभा चुनाव 2024

2024 के लोकसभा चुनाव में दम दम सीट पर मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, बीजेपी के शिभद्रा दत्ता और सीपीआई (एम) के सुजन चक्रवर्ती के बीच होने वाला है। बता दें कि दमदम सीट पर सातवें और आखिरी चरण में एक जून को मतदान होना है। चुनाव के नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे।

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