1. Hindi News
  2. भारत
  3. उत्तर प्रदेश
  4. मुख्यमंत्री योगी ने छठ पूजा का बताया महत्व, कहा- छठी माता सामाजिक समरसता की सबसे बड़ी प्रतिमूर्ति

मुख्यमंत्री योगी ने छठ पूजा का बताया महत्व, कहा- छठी माता सामाजिक समरसता की सबसे बड़ी प्रतिमूर्ति

 Published : Oct 30, 2022 06:41 pm IST,  Updated : Oct 30, 2022 06:41 pm IST

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में गोमती तट के लक्ष्मण मेला मैदान में आयोजित छठ पूजा के समारोह में कहा कि सूर्य हमारी परंपरा में जगत पिता कहे गए हैं और उनके बिना इस संसार की कल्पना ही नहीं की जा सकती।

सीएम योगी आदित्यानाथ (फाइल फोटो)- India TV Hindi
सीएम योगी आदित्यानाथ (फाइल फोटो) Image Source : PTI

Uttar Pradesh: उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने छठ पूजा का महत्व बताते हुए कहा कि पूरे लोक को साथ-साथ लेकर चलने वाला यह पर्व, प्रकृति पूजा के साथ-साथ ब्रह्मांड देवता सूर्य भगवान की उपासना की हम सबको प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हम लोग सूर्य को अर्घ्य देते हैं और छठी माता, जिनकी पूजा करते हैं, वह सामाजिक समरसता की सबसे बड़ी प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने कहा कि छठी माई की कृपा से ही हम लोग इस आस्था से जुड़े हैं। 

'सूर्य के बिना संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती'

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में गोमती तट के लक्ष्मण मेला मैदान में आयोजित छठ पूजा के समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सूर्य हमारी परंपरा में जगत पिता कहे गए हैं और उनके बिना इस संसार की कल्पना ही नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इस चराचर संसार में कुछ भी देखने योग्य नहीं हो सकता अगर सूर्य भगवान न हों। सीएम योगी ने कहा कि उनके (सूर्य) के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन करके हम लोग पानी से अर्घ्य देते हैं और यह कार्यक्रम तभी सफल होता है जब व्‍यक्ति अंदर से शुद्ध हो। यह आयोजन सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत करता है। 

'छठ का पर्व एक आदर्श उदाहरण'

सीएम योगी ने साफ-सफाई पर जोर देते हुए कहा कि हम सब जानते हैं कि यह लोक आस्था का पर्व है और पूरा समाज मिलकर इस आयोजन के साथ जुड़ता है। पर्व और त्यौहार का महत्व ही सामूहिकता का दर्शन है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर एक जुट होकर प्रकृति के प्रति, स्वच्छता के प्रति और लोक आस्था के प्रति किस समर्पित भाव के साथ काम कर रहे हैं, उसका एक आदर्श उदाहरण छठ जैसे पर्व हैं। 

छठ के पर्व पर इस समय सूर्य को अर्घ्य देने की है परम्परा 

मुख्यमंत्री ने विस्तार से छठ का महत्व समझाते हुए कहा कि जहां कहीं भी भोजपुरी समाज है, देश और दुनिया में हर जगह आज यही कार्यक्रम चल रहा होगा। यह बिहार, झारखंड, पूर्वी उप्र, नेपाल की तराई और यहां से जुड़े लोग देश-दुनिया में जहां जहां गए, वहां यह पर्व मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चार चरणों में यह कार्यक्रम होता है और अंत:करण और वाह़य शुद्धि पर पूरी तरह ध्यान दिया जाता है। अंदर और बाहर की शुद्धता पर ध्यान देते हुए इस पूरे कार्यक्रम को आयोजित किया जाता है। उन्‍होंने कहा कि माताएं और बहनें अस्‍ताचल की ओर जा रहे सूर्य को अर्घ्य देंगी और पानी से दिया जाने वाला यह अर्घ्य बिना शुद्धि के संभव नहीं हो सकता है। छठ के अवसर पर अस्ताचलगामी सूर्य और उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने की परम्परा है। 

'पर्व के बाद भी नहीं दिखे गंदगी'

सीएम योगी ने कहा कि भगवान की कृपा बिना भेदभाव के हम सबको मिलती है, उसको लेने की ताकत होनी चाहिए। उन्‍होंने छठ के पर्व पर आयोजन समिति और प्रशासन के कामों की तारीफ करते हुए आम जनता से आह्वान किया कि पर्व के बाद भी कहीं गंदगी नहीं दिखनी चाहिए ताकि हमारे पर्व और त्यौहार पर कोई आंच न आए। इस मौके पर भोजपुरी समाज के अध्यक्ष प्रभुनाथ राय ने मुख्यमंत्री और सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, विधान परिषद सदस्‍य गोविंद नारायण शुक्ल, मुख्‍य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद समेत कई मुख्य लोग मौजूद थे। 

Latest Uttar Pradesh News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Uttar Pradesh से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत