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जम्मू में दरबार स्थानांतरण की तैयारी जोरों पर, दफ्तरों की सफाई, रंग-रोगन में जुटे कर्मचारी

Edited By: Shakti Singh
Published : Oct 26, 2025 08:45 pm IST, Updated : Oct 26, 2025 08:45 pm IST

जम्मू कश्मीर में चार साल बाद दरबार स्थानांतरण की परंपरा शुरू हुई है। 31 अक्टूबर तक श्रीनगर में सभी कार्यालय बंद कर दिए जाएंगे और शीतकालीन राजधानी जम्मू में कार्यालय शुरू होंगे।

omar Abdullah- India TV Hindi
Image Source : PTI उमर अब्दुल्ला

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में ‘दरबार स्थानांतरण’ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वर्ष 2021 में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व वाले प्रशासन ने ‘दरबार स्थानांतरण’ की परंपरा रोक दी थी। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र शासित प्रदेश में ‘दरबार स्थानांतरण’ की परंपरा को इस वर्ष बहाल कर दिया है। इस फैसले के बाद शीतकालीन राजधानी जम्मू में बड़े पैमाने पर सौंदर्यीकरण और मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। नगर निकाय दफ्तरों की सफाई, रंग-रोगन और साज-सज्जा में तेजी से जुटे हैं। 

वर्ष 1872 में डोगरा शासकों द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को उमर अब्दुल्ला द्वारा 16 अक्टूबर को बहाल करने की घोषणा किए जाने के कुछ घंटे बाद ही जम्मू कश्मीर सरकार ने श्रीनगर स्थित सभी दफ्तर 31 अक्टूबर तक बंद करने का आदेश जारी कर दिया था। इस फैसले का लोगों, विशेषकर जम्मू के व्यापारियों ने स्वागत किया है और इसे दिवाली उपहार करार दिया है। 

2021 में बंद हुई थी परंपरा

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रशासन ने 2021 में यह कहते हुए इस परंपरा को रोक दिया था कि पूरा काम ई-ऑफिस प्रणाली से हो रहा है और इससे सरकार हर साल लगभग 200 करोड़ रुपये की बचत कर सकती है। हालांकि, इस निर्णय की कई वर्गों ने आलोचना की। जम्मू के व्यापारी समुदाय और कई नेताओं का कहना था कि ‘दरबार स्थानांतरण’ परंपरा जम्मू और कश्मीर को जोड़ने वाला एक भावनात्मक और प्रशासनिक संबंध है। नेकां ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र में इस परंपरा को बहाल करने का वादा किया था। 

सौंदर्यीकरण का काम तेजी से जारी

अधिकारियों ने बताया कि सिविल सचिवालय और राजभवन के अंदर और आसपास सौंदर्यीकरण का काम तेजी से जारी है। अधिकारियों के अनुसार, अगस्त में रिकॉर्ड बारिश से क्षतिग्रस्त हुई शहर की कई सड़कों की मरम्मत की जा रही है और मजदूर सड़कों की सफाई के साथ किनारों पर रंग-रोगन का काम कर रहे हैं। नागरिक सचिवालय, राजभवन, अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सरकारी कर्मचारियों के आवासों के आसपास सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है। 

पुलिस की तैनाती बढ़ी

शहर में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले 270 किलोमीटर लंबे एकमात्र बारहमासी मार्ग जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। (इनपुट- पीटीआई भाषा)

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