छोटी फैमली, काम का बोझ, मंहगाई, रिश्तों में अनबन, नौकरी-पढ़ाई का प्रेशर, अनिद्रा, सोशलाइजेशन में कमी टेंशन बढ़ने के अहम कारण हैं। आजकल की लाइफस्टाइल बहुत जटिल हो गई है, जिससे लोग तनावग्रस्त रहते हैं। लेकिन टेंशन को आप छोटा-मोटा कारण मानकर इंग्नोर न करें। ऐसा करने से आपकी परेशानी और बढ़ेगी। टेंशन खत्म करने का मतलब यह नहीं आप कॉम्पिटिशन की दौड़ से हार मान लें। लेकिन लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव के साथ आप अपने तनाव को कम कर सकते हैं और हैप्पी व टेंशन फ्री लाइफ जी सकते हैं।
नमक के बिना खाने का स्वाद फीका है। लेकिन नमक की अधिक मात्रा का शरीर के लिए जहर से कम नहीं है। इसलिए खाने में नमक का अधिक सेवन न करें। अगर आपको बल्ड प्रेशर की समस्या है तो सफेद नकम का सेवन कम करें। नमक के अधिक सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जोकि टेंशन का मुख्य कारण है।
कामकाज का बोझ इतना बढ़ गया है कि लोग रात-रात भर काम करते हैं और सुबह फिर नौकरी पर निकल जाते हैं। इससे नींद पूरी नहीं हो पाती है। स्ट्रेस को दूर रखने के लिए भरपूर नींद लेना बेहद जरूरी है। इसलिए रोजाना रात में 7-8 घंटे की भरपूर नींद लें।
छोटी फैमली और सीमित दोस्त होने के कारण लोग अपनी बातों को दूसरों के साथ शेयर नहीं कर पाते, जिससे स्ट्रेस बढ़ता है। इसलिए सोशल नेटवर्किंग बढ़ाएं और अच्छे दोस्त बनाएं। इससे आपका अकेलापन दूर होगा और तनाव भी।
जब भी आपको तनाव, गुस्सा या चिड़चिड़ापन महसूस हो तो आप गहरी सांस लें, सीढ़ियां चढ़ें और उतरें। अगर आपको सीढ़ियां चढ़ने में थकावट होती है तो टहलें। ऐसा करने से गुस्सा कंट्रोल होता है।
डेली रूटीन से ब्रेक लेकर अपने लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं। रोज-रोज वही काम करने के बाद लाइफ बोरिंग लगती है तो वीकेंड में दोस्तों के साथ घूमने का प्लान बनाएं। या कुछ दिनों का ब्रेक लेकर घूमने जाएं या घर पर रिलेक्स करें। इससे आपको डेली रूटीन से ब्रेक मिलेगा और आपका स्ट्रेस भी कम होगा।
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