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27 अप्रैल को सूर्य कर रहा है इस नक्षत्र में प्रवेश, इस नाम के लोगों को होगी सबसे ज्यादा हानि

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Apr 26, 2018 05:35 pm IST,  Updated : Apr 27, 2018 07:02 pm IST

सूर्यदेव के भरणी नक्षत्र में इस प्रवेश का किस नामाक्षर और नक्षत्र वाले व्यक्ति पर क्या प्रभाव होगा और उस स्थिति में शुभता सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये आपको क्या उपाय करने चाहिए। जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से...

bharani nakshatra
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पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र
जिनका जन्म पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र में हुआ हो या जिनके नाम का पहला अक्षर ‘भ’, ‘ध’, ‘फ’, ‘ढ’, ‘ज’ और ‘ख’ हो, उनके घर के मुखिया को 11 मई तक कुछ परेशानी उठानी पड़ सकती है। अगर आप स्वयं घर के मुखिया हैं, तो आपको संभलकर रहने की जरूरत है। 11 मई तक परेशानियों से बचने के लिए किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं और भोजन में कुछ न कुछ मीठा खाने को जरूर दें। इससे आपकी परेशानियों का हल निकलेगा।

धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र
जिनका जन्म धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में हुआ हो या जिनका नाम ‘ग’, ‘स’, ‘द’, ‘थ’, ‘झ’ और ‘ञ’ अक्षरों से शुरू होता हो, उन लोगों को 11 मई तक आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। आपको पैसों से संबंधी कुछ दिक्कत हो सकती है। अतः अशुभ फलों से बचने के लिये और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए 11 मई तक धार्मिक कार्यों में अपना सहयोग देते रहें। इससे आपकी पैसों से संबंधी समस्या का हल होगा।

रेवती, अश्विनी और भरणी नक्षत्र
जिन लोगों का जन्म रेवती, अश्विनी और भरणी नक्षत्र में हुआ हो या जिनके नाम का पहला अक्षर ‘द’, ‘च’ और ‘ल’ हो, उन्हें 11 मई तक कोई रोग, पीड़ा व भय हो सकता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए 11 मई तक सूर्यदेव को जल अर्पित करें। इससे आपको रोग, पीड़ा व भय से मुक्ति मिलेगी।

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