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सीएम आवास पहुंच दिग्विजय सिंह ने की मोहन यादव से मुलाकात, जानें क्या है पूरा मामला?

Reported By : Anurag Amitabh Edited By : Dhyanendra Chauhan Published : Jul 19, 2024 08:44 pm IST, Updated : Jul 19, 2024 08:44 pm IST

कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करने उनके आवास पहुंचे। इस दौरान दिग्विजय सिंह के साथ कांग्रेस के नेता विवेक त्रिपाठी भी मौजूद रहे।

दिग्विजय सिंह और सीएम मोहन यादव- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO दिग्विजय सिंह और सीएम मोहन यादव

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शुक्रवार को सीएम हाउस पहुंचे। कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि नर्सिंग घोटाले से प्रभावित छात्र-छात्राओं की समस्याओं को लेकर दिग्विजय सिंह सीएम मोहन यादव से मिलने उनके आवास पहुंचे। 

दिग्वय सिंह के साथ ये लोग भी रहे मौजूद

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ कांग्रेस नेता विवेक त्रिपाठी और नर्सिंग घोटाले के व्हसीलब्लोअर रवि परमार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को छात्रों की समस्याओं से अवगत करवाया। सूत्रों के मुताबिक दिग्विजय सिंह ने सीएम से बातचीत में नर्सिंग कालेज के छात्रों की जो समस्याओं का जिक्र किया है। 

नर्सिंग छात्र-छात्राओं की परीक्षा संबंधी मुद्दों पर की बात

नर्सिंग छात्र-छात्राओं की परीक्षाओं के लंबे समय के बाद भी परीक्षा परिणाम जारी नहीं किए गए हैं। विश्वविद्यालय में सत्र 2021-22, 2022-23 के छात्र छात्राओं की नामांकन की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई है। ऐसे में परीक्षा कब होगी? छात्र 3-4 सालों से फर्स्ट ईयर में ही हैं। 

66 हजार छात्र-छात्राओं ने दी परीक्षा

PNST (प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट) 2022 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (PEB) द्वारा आयोजित करवाएं गई थी। इसमें 66 हजार छात्राओं ने परीक्षा दी थी लेकिन परीक्षा परिणाम आज तक जारी नहीं किए गए हैं।

दिग्विजय सिंह ने सीएम से की ये मांग

ऐसे में दिग्विजय सिंह ने सीएम से मुलाकात कर मांग की है कि 66 अनसूटेबल नर्सिंग कॉलेजों के हजारों छात्र-छात्राओं को सूटेबल नर्सिंग कॉलेजों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करना चाहिए। नर्सिंग के छात्र-छात्राओं के जो 3 से 4 साल बर्बाद हुए हैं, उसके एवज में सरकार को छात्र-छात्राओं को फीस में रियायत देनी चाहिए।

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