इंदौर: मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगर इंदौर और भोपाल की मेट्रो परियोजना से तुर्किये की कोई कंपनी जुड़ी है तो उसका ठेका निरस्त कर दिया जाए। बता दें कि भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू करने के बाद तुर्किये ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान को समर्थन दिया था। इस बात को लेकर भारतीय नागरिकों में तुर्किये के खिलाफ खासी नाराजगी है।
बता दें कि भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं में 'असिस गार्ड' नामक कंपनी ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) गेट्स लगा रही है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस कंपनी को लेकर अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि अगर यह कंपनी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल पाई जाती है, तो इसे प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। उन्होंने अपने X अकाउंट पर लिखा है, ''राष्ट्र सर्वोपरि...भारत विरोधी मानसिकता का कोई स्थान नहीं। उन्होंने आगे लिखा कि हमारे लिए राष्ट्रधर्म सर्वोपरि है। जो भी भारत की संप्रभुता के विरुद्ध खड़ा होगा, वह चाहे कोई भी क्यों न हो, उसके साथ किसी भी प्रकार की सहानुभूति या सहयोग असहनीय है।''
मंत्री ने बताया कि तुर्की की कंपनी असिस गार्ड ड्रोन बनाने का काम करती है। आरोप है कि इसी कंपनी के बनाए गए ड्रोन का इस्तेमाल हाल ही में भारत विरोधी गतिविधियों में किया गया था। उन्होंने कहा कि यह गंभीर बात है कि यही कंपनी असिस भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं में डिजिटल सिस्टम का काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को इस मामले की गहराई से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
विजयवर्गीय ने कहा,‘‘हमें शिकायत मिली थी कि इंदौर और भोपाल की मेट्रो परियोजना में यात्रियों के टिकट काटने की प्रणाली से जुड़ा ठेका तुर्किये की एक कंपनी के पास है। हमने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगर यह कंपनी तुर्किये की है, तो हमें ऐसी कंपनी से काम नहीं कराना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह एक संवेदनशील विषय है। अगर हमने अधिकारियों से कहा है कि यह कंपनी वाकई तुर्किये की है, तो उससे काम वापस लिया जाए और उसका ठेका निरस्त किया जाए।’’ विजयवर्गीय ने कहा कि भारत के खिलाफ षड़यंत्र रचने वाले मुल्क का साथ देने वाले देश को माफ नहीं किया जाना चाहिए।
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