वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका की सेंट्रल कमांड यानी कि CENTCOM ने ईरान के खर्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी हमला किया है। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में द्वीप पर मौजूद हर सैन्य जगह पूरी तरह नष्ट हो गई है। ट्रंप ने अपनी ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा, 'कुछ देर पहले, मेरे आदेश पर संयुक्त राज्य अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने मध्य पूर्व के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी हमलों में से एक को अंजाम दिया और ईरान के ताज के जवाहर खर्ग द्वीप पर हर सैन्य लक्ष्य को पूरी तरह तबाह कर दिया।'
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने जानबूझकर उस द्वीप पर तेल की सुविधाओं को नहीं छुआ। उन्होंने लिखा, 'हमारे हथियार दुनिया के सबसे ताकतवर और सबसे आधुनिक हैं। लेकिन दया करके से मैंने द्वीप की तेल सुविधाओं को पूरी तरह नष्ट करने का फैसला नहीं किया। लेकिन अगर ईरान या कोई और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के खुलकर और सुरक्षित आने-जाने में रोक लगाएगा, तो मैं तुरंत इस फैसले पर दोबारा सोचूंगा। अपने पहले कार्यकाल में और अभी भी, मैंने हमारी सेना को दुनिया की सबसे खतरनाक, सबसे मजबूत और सबसे असरदार सेना बना दिया है।'
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान अमेरिकी हमलों को रोक नहीं सकता। उन्होंने लिखा, 'हम जहां भी हमला करना चाहें, ईरान के पास उसे रोकने की कोई ताकत नहीं है। वे कुछ भी नहीं कर सकते!' राष्ट्रपति ने दोहराया कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना सकता। उन्होंने कहा, 'ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं रखेगा। न ही वह अमेरिका, मध्य पूर्व या पूरी दुनिया को धमकी देने की क्षमता रखेगा! ईरान की सेना और इस आतंकवादी शासन से जुड़े सभी लोग अपने हथियार नीचे रख दें और जो कुछ बचा है उसे बचाने की कोशिश करें, क्योंकि देश में अब ज्यादा कुछ नहीं बचा है!'
ईरान की सेना ने ट्रंप की इन धमकियों का तुरंत जवाब दिया। खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि अगर ईरान की तेल सुविधाओं पर हमला हुआ तो पूरे इलाके में अमेरिकी हिस्सेदारी वाली या अमेरिका के साथ सहयोग करने वाली सभी तेल और ऊर्जा कंपनियों की सुविधाओं को 'राख का ढेर' बना दिया जाएगा। यह बयान ट्रंप के खर्ग द्वीप हमले के दावे के कुछ घंटे बाद आया है। बता दें कि खर्ग द्वीप ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है। इससे पहले ईरान की संसद के स्पीकर ने भी एक दिन पहले ही अभूतपूर्व जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
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