ग्वालियरः मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 90 डिग्री ओवरब्रिज के बाद अब ग्वालियर में 'सुरंग' वाली सड़क का वीडियो वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, ग्वालियर में सिंधिया महल के पास वाली रोड 15 दिन में सातवीं बार धंस गई है। रात में बारिश के बाद रोड पर 'सुरंग' दिख रही है। करीब 18 करोड़ की लागत से इस सड़क का निर्माण करीब एक महीने पहले ही हुआ था। बारिश ने सड़क निर्माण में घटिया सामाग्री इस्तेमाल की सारी पोल खोल कर दी।
डीएम ने बनाई कमेटी, मांगी 5 दिन में रिपोर्ट
मामला सामने आने के बाद जिला कलेक्टर (डीएम) रूचिका चौहान ने जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने दो सदस्यीय तकनीकी दल गठित किया है। तकनीकी दल से जांच कर पांच दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। जांच के लिये जो बिंदु निर्धारित किए गए हैं, उनमें सड़क निर्माण की तकनीकी स्वीकृति, सड़क निर्माण के लिये नियुक्त एजेंसी व ठेकेदार का नाम, सड़क निर्माण में स्वीकृत डीपीआर, निर्माण सामग्री की जानकारी, सीवर लाइन निर्माण कार्य उपरांत गिट्टी भराव मापदंड अनुसार किया गया कि नहीं, रोड निर्माण के लिये आवश्यक सभी परतों का बिछाव मापदण्ड अनुसार किया गया या नहीं, रोड धंसकने का मुख्य कारण व प्रथम दृष्टया कौन-कौन दोषी है। दोषी के नाम व पद सहित जानकारी एवं अन्य बिंदु जो जांच के दौरान संज्ञान में आए शामिल हैं।
यहां देखें वीडियो
चर्चा का बिषय बनी एक महीने पहले बनी सड़क
बता दें कि मध्य प्रदेश का स्मार्ट सिटी कहलाने वाला ग्वालियर इन दिनों अपनी जर्जर सड़कों के चलते चर्चा में है। खासतौर पर शहर की वीआईपी जय विलास पैलेस रोड से होकर गुजरती है। भ्रष्टाचार और बदइंतजामी की पोल खोल रही है। ताज्जुब की बात है कि ये सड़क महज एक महीने पुरानी है और बीते 15 दिनों में 7 बार धंस चुकी है, जिसमें सड़क कम सुरंग ज्यादा नजर आ रही है। अब तो इस सड़क में जगह जगह इस तरह के गड्ढे हो गए हैं मानो सड़क के नीचे किसी ने सुरंग बना दी हो। इस सड़क पर कुछ महीने पहले ही पाइपलाइन बिछाई गई थी, जिससे यातायात करीब 6 महीने तक बाधित रहा था।
हाल में ही चर्चा का विषय बना था 90 डिग्री का रेलवे ओवरब्रिज
इससे पहले जून महीने में भोपाल के ऐशबाग स्टेडियम के पास बना रेलवे ओवरब्रिज (ROB) उद्घाटन से पहले ही चर्चा का विषय बन गया था। ओवरब्रिज में 90 डिग्री का अजीबोगरीब मोड़ बना दिया गया था। मामले की जानकारी होने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जांच कमेटी गठित कर निर्माण के लिए जिम्मेदार 8 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया था। सीएम ने गलत डिजाइन देने पर निर्माण एजेंसी व डिजाइन कंसल्टेंट को भी ब्लैक लिस्ट कर दिया था।
रिपोर्ट- भूपेन्द्र भदौरिया, ग्वालियर
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